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Udhampur News: उधमपुर-कठुआ सीमा पर सुरक्षा कड़ी, धार रोड पर लगाए नाके

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मजालता। धार रोड ​स्थित बट्टल चौराहे पर वाहनों की जांच करते हुए पुलिस।
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- धार रोड से लगते बट्टल और खून नाकों पर हर आने जाने वालों की
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संवाद न्यूज एजेंसी
मजालता। चौड़ पांजिया में आतंकियों के दिखने के बाद मजालता पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। धार रोड से लगते बट्टल और खून नाकों पर हर आने जाने वालों की जांच की जा रही है। वाहन चालकों के प्रमाण पत्र देखने के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।

पुलिस की ओर से धार रोड पर जगह-जगह नाके लगाए गए हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों की तरफ से आने वाले प्रत्येक वाहन की जांच की जा रही है। कठुआ में पिछले दिनों हुई आतंकी मुठभेड़ के बाद आशंका जताई जा रही थी कि आतंकी जंगलों के रास्ते बसंतगढ़ की ओर भाग सकते हैं और घने जंगल व दुर्गम पहाड़ी इलाकों की आड़ में फिर से किसी नापाक मंसूबों को अंजाम दे सकते हैं। इसके चलते जिला उधमपुर के कठुआ, बिलावर और सांबा से लगते सीमावर्ती इलाकों में पहले से अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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डर के मारे मोबाइल साथ ले गए आतंकी
आशंका जताई जा रही है कि चौड़ पांजिया पंचायत के खबल गांव में परिवार को बंधक बनाने और खाना खाने के बाद मोबाइल लेकर फरार हुए आतंकी इलाके में सुरक्षा घेरे से अच्छी तरह से वाकिफ थे। जिसके चलते वे रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए घर में घुसे और हथियार के बल पर परिवार को बंधक बनाया और शांति से खाना खाने के बाद फरार हो गए। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जाते-जाते आतंकी परिवार के मोबाइल भी अपने साथ ले गए। ताकि उनके निकलते ही परिवार के सदस्य पुलिस को सूचित न कर दें।
बसंतगढ़ भागने के लिए होता है इस रूट का इस्तेमाल
सूत्रों की मानें तो सीमा पार से कठुआ जिले में प्रवेश करने के बाद आतंकी किसी भी वारदात को अंजाम देने के बाद इस रूट से बसंतगढ़ के जंगलों की ओर भाग जाते हैं। कठुआ से बसंतगढ़ और बसंतगढ़ से डोडा में प्रवेश करने के लिए आतंकी पैदल इस रूट पर जंगल और पहाड़ का रास्ता इस्तेमाल करते हैं। इस इलाके के पास वर्ष 1995 में बिलावर में हुई मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए थे जबकि दो अन्य भाग कर इस क्षेत्र में पास छिपे गए थे जिन्हें सुरक्षा बलों ने मौत के घाट उतार दिया था। उसके अलावा इलाके में किसी भी तरह की घटना नहीं घटी लेकिन इस रूट का इस्तेमाल करने के इनपुट जरूर मिलते रहे। जिसके चलते पुलिस प्रशासन की ओर से कठुआ मुठभेड़ के बाद से ही इलाके में सुरक्षा एहतियात बरती जा रही है।
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उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी रईस मोहम्मद भट ने बताया कि पिछले आठ दिनों से कठुआ-उधमपुर जिले के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अलर्ट पर है। जगह-जगह तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। वाहनों की लगातार जांच की जा रही है।
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