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11 माह बाद आज से प्राइमरी, मिडिल स्कूलों में लौटेगी रौनक

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उधमपुर। करीब 11 माह के बाद सरकारी व निजी प्राइमरी और मिडिल स्तर के स्कूलों में सोमवार से रौनक लौटेगी। शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों में इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई।
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वहीं, सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने बिना वैक्सीन के स्कूल खोलने को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि फ्रंट लाइन वर्कर्स की तरह उनको भी पहले वैक्सीन दी जानी चाहिए और फिर स्कूलों को खोलना चाहिए। पिछले दिनों सरकार ने आदेश जारी कर सरकारी व मिडिल स्कूलों को आठ फरवरी सोमवार को खोलने के निर्देश दिए थे। निर्देश मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों को खोलने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी थी। स्कूलों को सैनिटाइज करने के साथ रंग रोगन कर तैयार किया जाने लगा। रविवार को रंग रोगन का काम पूरा कर लिया गया। इसके साथ सभी स्कूलों को भी सैनिटाइज कर लिया गया। सोमवार को सुबह दस बजे से सभी प्राइमरी व मिडिल स्कूल लग जाएंगे।
स्कूलों के अंदर विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश भी जारी किए हैं। सभी विद्यार्थियों को मास्क पहन कर ही स्कूल आना होगा। इसके साथ उनके पास पानी की बोतल भी होनी चाहिए। विद्यार्थी कोई भी चीज एक दूसरे के साथ नहीं बांटेंगे। जहां शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है तो वहीं अब सरकारी शिक्षकों ने सभी को वैक्सीन देने की मांग करने लगे हैं।
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जम्मू-कश्मीर टीचर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान राकेश सिंह ने कहा कि करीब एक वर्ष के बाद मिडिल व प्राइमरी स्तर के स्कूलों को खोलने का आदेश का सभी स्वागत करते हैं। लेकिन पहले सरकार को शिक्षकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा की तरफ ध्यान देना चाहिए। शिक्षकों को पहले कोरोना वैक्सीन दी जानी चाहिए और उसके बाद ही स्कूलों को खोलना चाहिए। कई शिक्षक बहुत ज्यादा उम्र के हैं। इनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले वैक्सीन दी जाए। इसके अलावा जिन स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था, उनको अच्छी तरह से सैनिटाइज किया जाए।
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