उधमपुर। जिने में सोमवार से स्कूल खुलने के बाद मिड-डे-मील इंचार्ज शिक्षकों के लिए मुश्किल बढ़ने वाली है। शिक्षा विभाग ने दो शिक्षा जोन में करीब डेढ़ वर्ष से मिड-डे-मील की राशि का भुगतान नहीं किया है। इन शिक्षकों पर पहले से ही एक लाख से अधिक का कर्ज चढ़ा हुआ है। सोमवार को जब मिड-डे-मील शुरू होगी तो इनके लिए मिड-डे-मील चलाने के लिए दुुकानों से सामान खरीदना बहुत ज्यादा मुश्किल होगा। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द राशि जारी कर राहत प्रदान करनी चाहिए।
सरकार ने सोमवार से सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों को खोलने का एलान कर दिया है। साथ ही सभी स्कूलों में मिड-डे-मील देने की भी मंजूरी दे दी है। शिक्षकों ने इसके लिए पहले ही तैयारी करना शुरू कर दिया है। लेकिन उधमपुर और घोरडी जोन में शिक्षक मिड-डे-मील चलाने का आदेश जारी होने पर चिंता में पड़ गए हैं, क्योंकि इनके स्कूलों को करीब डेढ़ वर्ष से शिक्षा विभाग ने मिड-डे-मील की राशि का भुगतान नहीं किया है। हालात यह है कि मिड-डे-मील इंचार्ज शिक्षक पर करीब एक लाख रुपये तक कर्ज चढ़ चुका है।
राशि जारी करने की मांग को लेकर शिक्षक लगातार जेडईओ और सीईओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। राशि जारी न होने को लेकर सीईओ ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया है। लेकिन अभी तक कमेटी यह पता नहीं लगा पाई है कि आखिर क्यूं इन स्कूूलों में अभी तक मिड-डे-मील की राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। वहीं मिड-डे-मील चलाने वाले शिक्षकों का कहना है कि उनको समझ नहीं आ रहा है कि सोमवार से मिड-डे-मील कैसे चलाएंगे। उन पर हजारों का कर्ज चढ़ चुका है और अब तो दुकानदारों ने भी सामान देने से मना कर दिया है। कुछ दिन तो वह काम चला भी लेंगे। लेकिन जल्द राशि का भुगतान नहीं जाता है तो आने वाले दिनों में उनको मजबूरन मिड-डे-मील को बंद करना पड़ेगा।