फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूली बच्चों की जान जोखिम में

Fri, 01 Apr 2016 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
विज्ञापन
School - फोटो : demo
विज्ञापन
प्रशासन की लापरवाही के कारण शहर के मेन बाजार स्थित सरकारी मिडिल स्कूल गोपा मंदिर में बच्चे जान जोखिम में डाल कर शिक्षा हासिल कर रहे हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूल के लिए नई इमारत तो बना दी है, लेकिन पुरानी इमारत को ध्वस्त करना भूल गया। जर्जर पुरानी इमारत कभी भी जमींदोज हो सकती है, जो बड़े हादसे का गवाह बन सकती है।
विज्ञापन


इस बात की जानकारी शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को है। फिर भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। मिडिल स्कूल गोपा मंदिर में 160 के करीब बच्चे शिक्षा हासिल करते हैं। ये बच्चे स्कूल में हमेशा डरे रहते हैं। पुरानी इमारत की हालत इतनी खस्ता हो गई है दीवारों के साथ-साथ स्कूल की छत टूट कर नीचे गिरने की कगार पर है।

समय रहते पुरानी इमारत को ध्वस्त नहीं किया जाता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूल की प्रधानाचार्य विश्वकृति ने बताया कि स्कूल की प्रार्थना सभा से लेकर बच्चों को आधी छुट्टी के समय पुरानी इमारत के साथ बने छोटे से मैदान पर ही खेलना पड़ता है। ऐसे में अगर स्कूल की पुरानी इमारत गिर जाती है तो कोई भी बड़ा हादसा पेश आ सकता है। बच्चों के अलावा स्कूल के शिक्षक भी सुरक्षित नहीं हैं। कई बार आला अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया जा चुका हैं।
विज्ञापन


शिक्षकों को रहना पड़ता है बच्चों के संग
प्रार्थना सभा के दौरान व आधा छुट्टी होने पर स्कूल मैदान में जब भी बच्चे खेलने के लिए जाते हैं तो शिक्षकों उनके साथ रहना पड़ता है। शिक्षक बार-बार बच्चों को स्कूल की पुरानी इमारत से दूर रहने के लिए कहते रहते हैं। दरअसल, छोटा सा मैदान पुरानी इमारत से सटा है। अगर दीवार गिरती है वह पूरे मैदान को घेर सकता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा राम भरोसा है।


स्कूल की पुरानी इमारत को ध्वस्त करने के लिए दस्तावेज शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। आला अधिकारियों के आदेश मिलते ही स्कूल की पुरानी इमारत को गिरा दिया जाएगा।
विज्ञापन

- गोविंद राम जेडईओ उधमपुर जोन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें