रामनगर के निंबला गांव से बुधवार देर शाम को पेड़ से लटका एक सारंगी वादक का शव मिला। बाद में उसकी पहचान शंकर (46) निवासी प्याला के रूप में हुई है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह व्यक्ति इधर क्यों आया था और इसकी मौत कैसे हुई?
स्थानीय लोगों ने बुधवार देर शाम को पेड़ से लटके शव की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को नीचे उतारा। बुधवार को उसकी पहचान नहीं हो सकती थी। वीरवार की सुबह जब उसकी पहचान हुई तो उसके घर वालों को सूचना दी गई।
मृतक के घर वाले इस सूचना से हक्के-बक्के रह गए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शंकर की मौत किन वजह से हुई है, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सकता है।
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा। इस मौत पर बड़ा सवाल यह है कि शंकर निंबला कैसे पहुंचा। जबकि घर प्याला और निंबला विपरीत रास्ते पर है। जानकारी के मुताबिक शंकर 13 जनवरी को दिल्ली में एक डोगरी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गया था। वह सारंगा भी बजाता था।
15 से 17 तारीख तक कार्यक्रम दिल्ली में हुआ और 19 तारीख को वह दो बजे वाली गाड़ी से रामनगर पहुंचा। जब गाड़ी से शंकर उतरा तो वह अपने साथियों को छोड़ कर सीधे अपने घर के लिए निकल गया।
शंकर के एक साथी ने बताया कि जब शंकर गाड़ी से उतर कर सीधे अपने घर के लिए निकल गया तो उसने उसे फोन किया और बोला की कार्यक्रम में जो तेरे हिस्से के रुपये मिले हैं, वह आकर ले जा। मगर शंकर नहीं आया कुछ देर उसका इंतजार करने के बाद उसको दोबारा फोन किया, मगर उस वक्त शंकर का फोन स्वीज आफ आया। उसके बाद उसका शव ही पेड़ से लटका मिला।