डीसी उधमपुर ने दो स्कूलों का औचक दौरा कर स्कूलों में शिक्षा स्तर का जायजा लिया। इस दौरा डीसी ने शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जाने में खामियां पाई। डीसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेडीओ उधमपुर सहित 17 शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी। शिक्षकों को एक माह में शिक्षा का स्तर सुधारने को कहा गया।
दौरे के दौरान डीसी ने पाया कि गवर्नमेंट सिटी हाई स्कूल में कुल 193 छात्र पढ़ते हैं और उन्हें पढ़ाने के लिए 17 ग्रेजुएट एवं पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षक तैनात हैं, जिनका छात्रों को पढ़ाने के प्रति निराशाजनक प्रदर्शन की वजह से स्कूल के बच्चे पाठ्यक्रम से जुड़े मात्र साधारण सवालों का जवाब में सफल नहीं हो पाए।
यह भी पाया गया कि स्कूल के शिक्षकों को अपने विषयों सहित अंग्रेजी, विज्ञान एवं गणित से जुड़ी मूल बातों का भी ज्ञान नहीं है। यही हाल गर्ल्स हाई स्कूल का भी पाया गया, जिसमें मात्र 86 बच्चों के लिए 18 शिक्षक तैनात हैं, परंतु शिक्षा का स्तर सामान्य से भी बुरा है।
स्टाफ की लापरवाही और पढ़ाने में अक्षम पाए जाने पर जिला विकास ने सिटी हाई स्कूल के 17 शिक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश दिए है, इनमें जेडईओ उधमपुर को भी वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी शिक्षक अपनी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाए और फिर एक माह बाद होने वाली समीक्षा में सफल नहीं होने पर उनके खिलाफ अक्षमता और शिक्षण में लापरवाही को लेकर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इस मौके पर उनके साथ डीआरडीए के प्रोजेक्ट ऑफिसर डॉ. जगदीश मेहरा, सीईओ. बिशन सिंह, पीएचई के कार्यकारी अभियंता राजेश गुप्ता, डीएसएचओ. डॉ. संजीव कुमार आदि भी मौजूद थे।