सद्दल त्रासदी के दो साल बाद भी सरकारी सुविधाओं का अभाव झेल रहे सद्दल के लोगों के सब्र का बांध आखिर टूट ही गया। लोगों द्वारा डीसी कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर जिला प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी मुआवजे व मूलभूत सुविधाएं देने की मांग कर रहे थे। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में पंचैरी के सद्दल गांव में भूस्खलन हुआ था जिसमें 40 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे लांदर भमाग जागृति मंच के प्रधान हंसराज व रमेश कुमार ने कहा कि दो साल पहले जब लोगों पर विपदा आई तो सद्दल में प्रशासनिक अधिकारियों व राजनैतिक दलों का जमावड़ा लग गया। उस समय सांसद जितेंद्र सिंह द्वारा सद्दल को आदर्श ग्राम बनाने की भी बात कही गई थी, लेकिन त्रासदी के दो साल बीत जाने पर भी कोई मूलभूत सुविधा तक मुहैया नहीं कराई गई।
विस्थापितों के लिए रहने तक की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। केवल एक बार मुआवजे का कुछ हिस्सा लोगों को दिया गया। उसके बाद किसी भी तरह की मदद सरकार की तरफ से नहीं मिल पाई। उन्होंने कहा कि प्रभावितों के परिवारों को संविधान द्वारा दी गई सहूलियतों तक से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के अंदर विस्थापितों की सुध नहीं ली गई, तो वे इसके खिलाफ आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे।