संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। धर्मनगरी में प्रस्तावित ताराकोट-सांझीछत रोपवे परियोजना के विरोध में ब्लड हस्ताक्षर अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। मुख्य बस स्टैंड स्थित श्रीधर चौक में लगाए गए कैंप में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, युवाओं तथा देश के विभिन्न हिस्सों से दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर रक्त से हस्ताक्षर कर विरोध दर्ज कराया।
युवाओं के अभियान में लोगों ने रोपवे परियोजना को आस्था, परंपरा और स्थानीय रोजगार से जुड़ा मुद्दा बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पैदल यात्रा की परंपरा ही मां के दरबार की असली पहचान है और रोपवे बनने से यात्रा का स्वरूप बदल जाएगा, जिससे लाखों लोगों की आस्था सहित आजीविका पर असर पड़ सकता है। श्रद्धालुओं ने कहा कि वे वर्षों से पैदल चढ़ाई कर दर्शन करते आ रहे हैं जिससे उनकी श्रद्धा जुड़ी है।
कई श्रद्धालुओं का मानना है कि यात्रा को यात्रा ही रहने दिया जाए और इसे पर्यटन या पिकनिक स्थल का रूप न दिया जाए। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। उनका उद्देश्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों तक जनभावनाएं पहुंचाना है। ब्लड हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से वे यह संदेश देना चाहते हैं कि स्थानीय लोग और श्रद्धालु परियोजना पर पुनर्विचार चाहते हैं। आयोजकों के अनुसार अभियान मंगलवार को भी जारी रहेगा और अधिक से अधिक लोगों से शामिल होकर राय दर्ज कराने की अपील की गई है।