रियासी। नरलू से वाया बरेली होते हुए दुघंदर मिडिल स्कूल तक जाने वाली सड़क पंद्रह साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पूरी नहीं बन पाई है। लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क पहले ट्रैक्टर रोड के रूप में बनाई गई थी। बाद में परियोजना को जिला योजना के अंतर्गत रखा गया और लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया। 2022 में नाबार्ड में स्थानांतरित कर दिया और सितंबर को काम ठेकेदार को सौंपा गया। ठेकेदार ने अगस्त 2024 तक लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा किया।
परियोजना को 12 महीने के भीतर पूरा करना था लेकिन काम बीच में ही रुक गया। अगस्त 2023 में पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी के पत्र में भी देरी का उल्लेख किया गया था, लेकिन काम रोकने का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया। स्थानीय निवासी मोहम्मद यूसुफ, कपूर सिंह, रोमाल सिंह, अंग्रेज सिंह, शमशेर सिंह, हाजी नजमउद्दीन, बलवान सिंह और नसीब सिंह ने बताया कि सड़क की हालत बेहद खराब है जिससे संबंधित विभागों में पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने ठेकेदार पर घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाया। जमीन मालिकों का कहना है कि उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है क्योंकि जल निकासी का प्रबंध नहीं किया गया था। लोगों की मांग है कि सड़क का शीघ्र निर्माण और नुकसान की भरपाई की जाए।
चार दिन पहले दौरा किया था। भूमि वितरण का मसला है। दोनों पार्टियों को साथ बिठा कर मामला हल किया जाएगा। अगर निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है तो जांच की जाएगी।
-पवन बोगिया, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग।