-अखंड परम धाम आश्रम शिव रैहम्बल चक में करवाया गया सत्संग
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। आज लोग साधना नहीं करना चाहते। साधन चाहते हैं। लेकिन, भगवान के भजन के बिना जीव का कल्याण नहीं होगा। यह प्रवचन अखंड परम धाम आश्रम शिव रैहम्बल चक में संत सुभाष शास्त्री ने किए। मंगलवार को यहां दो दिवसीय सत्संग का आयोजन किया गया।
संत सुभाष शास्त्री ने कहा कि यदि जीव हो और जगत न हो तो कुछ कैसे उत्पन्न होगा। इसलिए प्रभु ने जगत बनाया कि जीव का निर्वाह होता रहे, परंतु इस वास्तविकता को जीव भूल जाता है और जगत की और इतना आकर्षित हो जाता है कि अपने प्रभु को ही भूल जाता है। यहीं से जीव के दुखों का आरंभ होता है।
उन्होंने समझाया कि राम से विमुख रहकर, उस सत्य ब्रह्म से विमुख रहकर, प्रभु को भुलाकर, इस दुनिया में कोई चैन नहीं पा सका। इसलिए तुम भी प्रभु को जानने का प्रयास करो, क्योंकि जब तुम उसे जान लोगे तो सुखी हो जाओगे। यदि नहीं जानोगे तो दुखी रहोगे। इसलिए ब्रह्म होकर जब देखोगे तो यह सारी सृष्टि मंगलमय व आनंदमय लगेगी। जन्म भी, मरण भी, मिलना भी, बिछुड़ना भी, सागर की लहरें बनती-मिटती रहेंगी, परंतु यह सब कुछ तुझे प्रभावित नहीं कर पाएगा। देखो उसी का नाम सत्य है, आनंद है, परम शांति है, जिसे जीव इस जगत में खोजता रहता है, बस तू उस एक को खोज ले, फिर कुछ भी खोजना नहीं बचेगा।