रियासी। शहर में एक स्कूल ऐसा है जो पूरा टिन का बना है। भीषण गर्मी में छात्र पसीने से तरबतर होकर भविष्य को बुन रहे हैं। बारिश में हालात और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं। इस कारण 34 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
आधुनिक युग में भी प्राइमरी स्कूल को इमारत नसीब नहीं हो पाई है। स्कूल किसी पहाड़ी या दूरदराज इलाके में नहीं बल्कि 690 मेगावाट तक बिजली बनाने वाले एनएचपीसी सलाल पावर स्टेशन के आधिकारिक क्षेत्र ज्योतिपुरम में है। सबसे अहम बात यह है कि स्कूल हर प्रकार की सुविधाओं से लैस केंद्रीय विद्यालय से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है।
स्थानीय विकास पंडोत्रा, वनीत शर्मा और अंकुश नरगोत्रा ने बताया कि एनएचपीसी हर वर्ष लाखों रुपये सामाजिक सामुदायिक विकास कार्यों पर खर्च करती है। स्कूलों की नई इमारतों के साथ ही शौचालय का निर्माण होता है। इसके अलावा चाहरदिवारी कर शिक्षा विभाग को सुपुर्द किया जाता है। इसके बावजूद स्कूल की ओर किसी का भी ध्यान नहीं गया है। टिन की चादरों से बने स्कूल के कमरों को पक्का करके सुविधाएं दी जानी चाहिए ताकि बच्चों की मुश्किलें हल हो सकें।
दौरा कर सुधार के उठाए जाएंगे कदम
चनकाह की जोनल शिक्षा अधिकारी उपमा शर्मा के अनुसार जल्द स्कूल का दौरा किया जाएगा। विभाग के उच्चाधिकारियों से बात कर पक्के कमरे बनाए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को कोई परेशानी न हो।