रामनगर। तहसील बसंतगढ़ और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की बदहाली ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बसंतगढ़, डूडू, लाटी, पचौंड और छतराडी सहित दर्जनों ग्रामीण इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि निजी दूरसंचार कंपनियां एक ओर 5जी सेवा के नाम पर महंगे रिचार्ज वसूल रही हैं वहीं दूसरी ओर सामान्य कॉल करना भी दूभर हो गया है।
लोगों का आरोप है कि कंपनियां 5जी के बड़े विज्ञापनों के जरिये लोगों को आकर्षित तो कर रही हैं लेकिन पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में 4जी सेवा भी सुचारु रूप से उपलब्ध नहीं हो पाई है। एक वर्ष पहले जो 4जी सेवा किसी तरह चल रही थी अब वह भी पूरी तरह लड़खड़ा चुकी है। इंटरनेट बार-बार बंद हो रहा है और मोबाइल स्क्रीन पर अधिकतर समय इमरजेंसी कॉल ही दिखाई देता है।
डिजिटल सेवाएं ठप
नेटवर्क की आंख मिचौली के कारण ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल भुगतान, बैंकिंग सेवाएं और सरकारी कार्यालयों के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। मजोडी, किया, पंचोड, रसली गदेरन, सिया मेरी, मंडुधरमाल, पोनारा, लोधरा, खनेड, किरची और जखेड जैसे क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है।
स्थायी समाधान की मांग
समाजसेवक पवन रासल ने बताया कि 5जी के बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन गांवों में सामान्य इंटरनेट चलाना भी मुश्किल हो गया है। सरकार और कंपनियां इस पर ध्यान दें। जखेड निवासी जोगराज के अनुसार नेटवर्क की इतनी दिक्कत है कि जरूरी कॉल करने के लिए भी ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता है। प्रशासन को जल्द समाधान निकालना चाहिए। किरची के रहने वाले नरेश ललहाल बताते हैं कि महंगे रिचार्ज करवाने के बावजूद कंपनियां बेहतर सुविधा नहीं दे पा रही हैं। यह सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है। राज कुमार, संजय कुमार, नरेश कुमार और कृष्ण लाल सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन, दूरसंचार विभाग और निजी कंपनियों से मांग की है कि इन क्षेत्रों में जल्द से जल्द अतिरिक्त मोबाइल टावर लगाए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नेटवर्क समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।