उधमपुर। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए अक्सर लोग ठंडे पेय पदार्थों और आइसक्रीम का सहारा लेते हैं लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे लेकर सचेत किया है। गर्मी के मौसम में खानपान की लापरवाही और सीधे धूप के संपर्क में आना गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
अक्सर घरों में रात का बचा हुआ खाना फ्रिज में रखकर अगले दिन खाने का चलन है। डॉक्टरों के अनुसार फ्रीजर या फ्रिज में अधिक समय तक भोजन रखने से पोषक तत्व और स्वाद खत्म हो जाते हैं। इतना ही नहीं बासी भोजन में बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं जो फूड पॉइजनिंग और पेट संबंधी गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं।
तेज धूप से घर लौटने के तुरंत बाद ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक या आइसक्रीम का सेवन करने से शरीर के तापमान अचानक बदल जाता है। इसका सीधा असर गले और छाती पर पड़ता है। इससे बच्चों में खांसी, गले में खराश, जकड़न और बुखार की समस्या हो रही है। अस्थमा और एलर्जी के मरीजों के लिए यह स्थिति और भी घातक हो सकती है।
गर्म हवाओं और शरीर में पानी की कमी के कारण नकसीर की समस्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में नाक की अंदरूनी नसें सूखकर फटने लगती हैं जिससे अचानक खून आने लगता है। अधिक देर तक धूप में रहना इसका मुख्य कारण है।
बीमारियां और प्रमुख लक्षण
गलत खानपान से गले का संक्रमण, वायरल बुखार, फूड पॉइजनिंग, डिहाइड्रेशन और सीने में संक्रमण जैसी परेशानियां हो सकती हैं। लगातार खांसी, गले में दर्द, बुखार, सांस लेने में परेशानी, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, कमजोरी और चक्कर आना महसूस तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
बचाव के लिए क्या करें?
हमेशा ताजा भोजन करें। फ्रिज में रखे लंबे समय के भोजन से बचें
बाहर से आने के तुरंत बाद बर्फ वाला पानी या ठंडी चीजें न खाएं
शरीर में पानी की कमी न होने दें। नींबू पानी और ताजे फलों का सेवन करें।
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यदि नाक से बार-बार खून आए, गले में अत्यधिक दर्द हो या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
-डॉ. अदनान अमीन, चिकित्सक