रामनगर। रामनगर तहसील को जिला बनाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने रामनगर डेवलपमेंट काउंसिल के बैनर तले मशाल जुलूस निकालकर आवाज बुलंद की। जुलूस में शामिल लोगों ने हाथों में मशालें लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शुक्रवार रात आठ बजे प्रधान संजीव जंडियाल के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रामनगर लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा है और लोगों को प्रशासनिक सुविधाओं के लिए अन्य जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन अब तक मांग पूरी नहीं हो पाई है।
लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार भावनाओं को समझे और रामनगर को जिला का दर्जा प्रदान करे। संजीव जंडियाल ने कहा कि रामनगर तहसील का विभाजन कर पहले ही तीन तहसीलें बनाई जा चुकी हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र का विस्तार और प्रशासनिक महत्व बढ़ चुका है। ऐसे में अब रामनगर को जिला बनाना जरूरी है।
इस संबंध में विधायक द्वारा भी विधानसभा में मुद्दा उठाया जा चुका है। जंडियाल ने वर्ष 2018 में बड़े आंदोलन के बारे में बताया जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया था। तब से लेकर आज तक यह संघर्ष लगातार जारी है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।