रामबन में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, नशे में वाहन चलाने पर अंकुश लगाने पर जोर दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद अलयास खान की अध्यक्षता में वीरवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। जम्मू-कश्मीर के परिवहन आयुक्त विशेष पॉल महाजन ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और जिले की अन्य सड़कों पर सड़क सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं को कम करने के निर्देश दिए।
परिवहन आयुक्त ने जम्मू-कश्मीर में परिवहन विभाग द्वारा उठाए गए विभिन्न सड़क सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी। इनमें जागरूकता अभियान, यातायात उल्लंघन के खिलाफ सख्त प्रवर्तन अभियान और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए संवेदनशील हिस्सों की नियमित निगरानी शामिल है। परिवहन आयुक्त ने तेज गति, ओवरलोडिंग, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करने और नशे में वाहन चलाने पर अंकुश लगाने पर जोर दिया।
उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को नाशरी सुरंग में ओवरलोडिंग और लेन अनुशासन उल्लंघन सहित यातायात उल्लंघन का विवरण और सीसीटीवी फुटेज साझा करने का निर्देश दिया ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा समिति को चालकों के लिए सड़क किनारे बुनियादी सुविधाएं स्थापित करने हेतु उपयुक्त भूमि की पहचान करने के लिए भी कहा।
रामबन के जिला मजिस्ट्रेट ने सभी विभागों को सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए, डीएम ने एनएचएआई को नाशरी-बनिहाल मार्ग पर चिन्हित स्थानों पर ओवरहेड फुटब्रिज बनाने का निर्देश दिया। प्रवर्तन एजेंसियों को अयोग्य वाहनों और वैध दस्तावेजों के अभाव वाले वाहनों को जब्त करने का निर्देश दिया गया, जबकि एआरटीओ को ई-ऑटो और ईंधन-आधारित ऑटो, दोनों को मानदंडों के अनुसार सख्ती से नियंत्रित करने के लिए कहा गया।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को अपनी सड़कों का सड़क सुरक्षा ऑडिट करने, संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर और साइनबोर्ड लगाने की योजना बनाने और ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करके उचित रखरखाव सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया। एनएचएआई को एनएच-44 पर पैचवर्क सुनिश्चित करने, दृश्यता में बाधा डालने वाले होर्डिंग्स और बोर्ड हटाने और दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय करने के भी निर्देश दिए गए।
एसएसपी रामबन और एसएसपी ट्रैफिक के सुझावों पर और सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। जिला मजिस्ट्रेट ने सीएमओ को दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को मजबूत करने के लिए ट्रॉमा सेंटर रामबन को चालू करने का निर्देश दिया।
जिला मजिस्ट्रेट ने सभी विभागों को जिले भर में सुरक्षित और दुर्घटना मुक्त सड़कें सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के साथ समन्वय में काम करने का निर्देश दिया।
बैठक में एसएसपी रामबन अरुण गुप्ता, एसएसपी ट्रैफिक एनएचडब्ल्यू राजा आदिल हमीद, सीपीओ डॉ. शकीब अहमद और सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।