उधमपुर/रामबन। रामबन केसरी दंगल की लंबे अंतराल के बाद हुई शानदार वापसी से क्षेत्र की समृद्ध कुश्ती परंपरा जीवंत हो गई। बुधवार को हुए दंगल का मुख्य आकर्षण फाइनल मुकाबला रहा जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के पहलवान लालू पहलवान ने पंजाब के गोपी को हराकर शानदार जीत दर्ज की। दोनों पहलवानों ने ताकत, तकनीक और धैर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया जिसे दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा। इस जीत के साथ लालू पहलवान ने प्रतिष्ठित रामबन केसरी का खिताब अपने नाम किया जो उनके जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस दौरान कुश्ती प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में दर्शक पारंपरिक खेल के पुनरुद्धार के साक्षी बने। युवा दंगल समिति रामबन की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में जम्मू-कश्मीर और पड़ोसी राज्य विशेषकर पंजाब के नामी पहलवानों ने भाग लिया। दिनभर पारंपरिक अखाड़े में रोमांचक मुकाबले होते रहे जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।
प्रारंभिक और सेमीफाइनल मुकाबलों में युवा और अनुभवी पहलवानों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने न केवल खिलाड़ियों को मंच प्रदान किया बल्कि उभरते पहलवानों को आगे बढ़ने का अवसर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक अर्जुन सिंह राजू ने आयोजकों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मुकाबले क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पारंपरिक खेलों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि ये हमारी पहचान और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर खेलों और सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर होना चाहिए ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके।
स्थानीय लोगों और आगंतुकों ने आशा जताई कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे जिससे प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और समाज में एकजुटता बढ़ेगी।