रामबन। खराब मौसम और मूसलाधार बारिश के चलते मंगलवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। नाशरी और बनिहाल के बीच कई संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन और लगातार पत्थर गिरने के कारण राजमार्ग करीब सात घंटे तक बंद रहा। सबसे गंभीर स्थिति मेहर ट्रक यार्ड के पास देखने को मिली जहा भारी मलबे ने दोनों लेन को अवरुद्ध कर दिया जिससे सैकड़ों वाहन फंस गए।
सोमवार आधी रात के बाद सुरक्षा कारणों से हाईवे पर यातायात रोक दिया गया था। सुबह जब मौसम में मामूली सुधार हुआ तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मेहर और हिंगनी जैसे प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। कई घंटों की मेहनत के बाद एक लेन को बहाल किया जा सका, जिससे फंसे हुए वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।
एसएसपी खुद संभाल रहे मोर्चा, ओवरटेकिंग पर पाबंदी
ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजा आदिल हमीद खुद प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य और यातायात बहाली की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राजमार्ग के कई हिस्सों में अभी भी भूस्खलन का खतरा बना है। यात्रियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे एक लेन वाले हिस्सों में ओवरटेकिंग या गलत दिशा में गाड़ी न चलाएं। अगर उल्लंघन हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहता है और सड़क की स्थिति में सुधार होता है तो बुधवार को हल्के और भारी वाहनों को दोनों तरफ से आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। फिलहाल रामबन और जम्मू-श्रीनगर के कंट्रोल यूनिट समन्वय के साथ यातायात को नियंत्रित कर रहे हैं।
यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी
जब तक मौसम पूरी तरह साफ न हो जाए, हाईवे पर सफर करने से परहेज करें।
रात में पत्थर गिरने का जोखिम अधिक है इसलिए सूर्यास्त के बाद यात्रा न करें।
यात्रा शुरू करने से पहले जम्मू या श्रीनगर स्थित ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट से सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें।