राज्य सरकार ने बटोत से किश्तवाड़-सिंथन तक राजमार्ग का जिम्मा ग्रेफ से लेकर पीडब्लूडी विभाग को देने का फैसला किया है। इसके विरोध में ग्रेफ में कार्यरत पांच सौ से अधिक मजदूरों ने वीरवार को किश्तवाड़-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। इसके चलते चार घंटे तक इस हाईवे पर यातायात ठप रहा।
सरपंच प्रेम नगर विमल मन्हास तथा फारूक डार के नेतृत्व में प्रेम नगर के पास धरना प्रदर्शन कर चक्का जाम किया गया। इस दौरान सरकार तथा आरएंडबी मंत्री अब्दुल मजीद वाणी के खिलाफ नारेबाजी की गई। मन्हास ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने निजी फायदे के लिए यह फैसला लिया।
यह डिफेंस रोड है तथा बटोत से सिंथन टाप तक इसमें छह हजार से अधिक मजदूर काम कर अपना परिवार चला रहे हैं। ये लोग अब रोजगार के लिए कहां जाएंगे? प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि क्या सरकार आरएंडबी विभाग में इन मजदूरों को काम देकर ग्रेफ की तरह सीधे इनके अकाउंट में इनका मेहनताना देने को तैयार है? पीडब्लूडी विभाग के पास जो सड़कें पहले से हैं, उनकी दुर्दशा देखी जाए। फिर राष्ट्रीय राजमार्ग इनके हवाले किया जाए।
फारूक डार ने कहा कि अभी गंदोह सड़क मार्ग पर पिछले दिनों थोड़ा सा भूस्खलन हुआ तो सात दिन तक सड़क बंद रही। अब अगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी उन्हें दिया गया तो इसकी भी हालत दयनीय हो जाएगी। वहीं मजदूरों का कहना था कि या तो सरकार हमें विभाग में ग्रेफ की तरह काम दे नहीं तो हमें ग्रेफ के साथ ही रहने दें।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि दो दिनों में फैसला नहीं हुआ तो छह हजार मजदूर सड़कों पर उतर आएंगे। इसका जवाब चुनाव में भी दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने एक नहीं मानी। फिर तहसीलदार ठाठरी ने मजदूरों से एक दिन की मोहलत मांगी और विश्वास दिलाया कि उनकी मांग को अधिकारियों तथा सरकार तक पहुंचा कर समाधान करने की कोशिश करेंगे। तब मजदूर फिलहाल माने।