उधमपुर: जम्मू कश्मीर टीचर एसोसिएशन द्वारा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया.
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स्थानांतरण नीति, पुरानी पेंशन योजना लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर रविवार को आरईटी शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द मांगों को पूरा नहीं किया तो शिक्षक सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने सवाल किया कि जब विधायक, सांसद को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है तो शिक्षकों को क्यों नहीं।
दोपहर करीब एक बजे शहर के एक होटल में जम्मू कश्मीर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि 22 वर्ष एक स्कूल में गुजारने के बाद भी आज तक सरकार ने आरईटी शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति लागू नहीं की है। कुछ वर्ष पहले यह मामला हाई कोर्ट पहुंचा था। तब हाई कोर्ट ने सरकार को आरईटी शिक्षकों को स्थानांतरण नीति का लाभ देने को कहा था। लेकिन, आज तक इस मांग को पूरा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार पुरानी पेंशन योजना को भी लागू नहीं कर रही है। आरईटी शिक्षकों को स्थायी करने के बाद नई पेंशन योजना में शामिल कर दिया है। नई पेंशन योजना का कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिलता। इससे उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। इसलिए, पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। अगर कुछ वर्ष काम करने के बाद विधायक, सांसद को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है तो कर्मचारियों को इसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा?
पांच वर्ष का अस्थायी कार्यकाल पूरा करने के बाद आरईटी शिक्षकों को स्थायी नियुक्त तो कर दिया, लेकिन उनके पांच वर्ष के कार्यकाल को सर्विस रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया। आरईटी शिक्षकों को अटैच कर भी परेशान किया जा रहा है। जिन स्कूलों में स्टाफ की कमी है, वहां आरईटी शिक्षकों को बिना सूचना दिए अटैच किया जा रहा है। वहीं, महीनों से मिड-डे मील के रुपयों का भी भुगतान नहीं हुआ। सरकार इन मांगों को जल्द पूरा करे, नहीं तो सभी शिक्षक सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।