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कार्यालय के बाहर फूंका जलशक्ति विभाग का पुतला, दूषित पानी देने का लगा आरोप

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उधमपुर। एमएच चौक पर पुतला जलाकर जलशक्ति विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता - फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। पानी की किल्लत और लोगों को दूषित पानी देने के मामले को लेकर कांग्रेस ने जलशक्ति विभाग कार्यालय के बाहर रोड जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विभाग का पुतला जलाकर चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में मामला हल नहीं हुआ तो वे विभाग कार्यालय पर ताला लगा देंगे। इस पर विभाग का कहना है कि दूषित पानी से लोगों के बीमार होने की जानकारी नहीं है। फिर भी पानी की टेस्टिंग की जा रही है।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता सुमित मगोत्रा ने कहा कि विभाग अधिकारियों की लापरवाही और नाकामी के कारण उधमपुर वासियों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। साथ ही विभाग उनके घरों में दूषित पानी दे रहा है, जिसे पीने से कई लोग बीमार हो रहे हैं। दो साल से विभाग लोगों को साफ पानी मुहैया करवाने में विफल रहा है। शुक्रवार को भी गढ़ी रैहंबल का दौरे पर देखा गया कि दूषित पानी पीने से 60 से 70 लोग पीलिया जैसी बीमारी की चपेट में आ गए हैं। इनमें से कुछ लोगों को जम्मू तथा नारायणा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
उन्होंने मांग की कि विभाग के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, और तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इसके अलावा कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले जलापूर्ति एक दिन छोड़कर की जाती थी। वहीं, आज छह-छह दिन में एक बार जलापूर्ति की जा रही है। आए दिन शहर के विभिन्न इलाकों से लोग फोन कर पानी की मांग कर रहे हैं। उन्हें पानी के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद उनके घरों में नियमित पानी नहीं पहुंच रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह विभाग कार्यालय में ताला लगा देंगे।
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पानी से बीमार होने का कोई मामला नहीं आया - जलशक्ति विभाग
एईई संदीप गुप्ता ने कहा कि जिसने भी मलाड इलाके के फिल्ट्रेशन प्लांट का दौरा कर पानी को दूषित बताया है, उन्होंने बाहर से इकट्ठा किया पानी देखा है। जिस पानी को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है, वह पानी उन्होंने नहीं देखा। इसके अलावा लोगों को दूषित पानी की वजह से पीलिया होने की अधिकारिक जानकारी उनके पास नहीं आई है। अगर कहीं ऐसा मामला आता तो सीएमओ या स्वास्थ्य विभाग रिपोर्ट भेजकर पानी की जांच करने को कहता। फिर भी रैनी फिल्ट्रेशन प्लांट और इलाके कुएं के पानी का सैंपल टेस्टिंग के लिए मंगवाया है। शहर में कभी कभार मिट्टी वाले पानी की शिकायत आती है। उसका कारण बाढ़ आना और पंपिंग की दिक्कत होती है। इसमें भी सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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