उधमपुर/जिब/पंचैरी। बैक टू विलेज तीन (बीटूवी) के तहत जिले की 64 पंचायतों में पहले चरण के कार्यक्रम संपन्न हो गए। अधिकतर पंचायतों में जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया। ब्लॉक उधमपुर की कुल 12 पंचायतों में बीटूवी-3 के पहले चरण में कुल चार पंचायतों में कार्यक्रम को समर्थन मिला, जबकि आठ पंचायतों में जनप्रतिनिधियों सहित जनता ने पूरी तरह से दूरी बनाए रखी। इन पंचायतों में जन समस्याएं सुनने पंहुचे अधिकारी पंचायत घरों में तीन दिन बिना कामकाज के बिताकर खाली हाथ लौट आए। बट्टल, चक्क रकवालन, कैंबल डंगा, कावा लोअर, कोटली, पडानू, पाटा, फंग्याल पंचायत में कार्यक्रम का बहिष्कार किया गया। पंचायत नीली नाला, बढोला, सुनाड़ी तथा हरतरयान में कार्यक्रम करवाए गए। ब्लॉक पंचैरी की चार पंचायतों में कार्यक्रम होने थे। इनमें पंचायत लोअर मीर तथा सुमन में अधिकारियों के नहीं पंहुचने से कार्यक्रम का बहिष्कार किया गया। चुलना तथा माली पंचायत में कार्यक्रम हुआ। मोंगरी ब्लॉक की तीन पंचायतों पंजर, लाली तथा कलसोत में इस कार्यक्रम का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। लेकिन ग्रामीणों की भागीदारी यहां भी बेहद कम रही। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि बैक टू विलेज के पहने दो चरणों में उठाई गई समस्याओं का अभी तक हल नहीं किया गया है। इसके साथ ई-टेंडरिंग का भी विरोध किया जा रह है।
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ग्राम संभाओं के साथ खेल गतिविधियां करवाईं
उधर, कार्यक्रमों के दौरान ग्राम सभाओं, डोगरी लोक गीतों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल गतिविधियों, कॉफी टेबल बुकलेट की प्रस्तुति, पंचायतों के विभिन्न कार्यों का उद्घाटन तथा शिलान्यास, पीएमएवाई लाभार्थियों के ग्रह प्रवेश आदि कार्यक्रम करवाए। बीटूवी-3 के पहले चरण को पूरा करने पर जिला विकास आयुक्त डॉ. पीयुष सिंगला ने सभी को बधाई देते कहा कि यह एक फ्लैगशिप कार्यक्रम है। कार्यक्रम के तहत ली गई फीडबैक से पंचायतीराज को मजबूत करने और विकास गतिविधियों के परिपालन में सुधार लाने में मदद मिलेगी। बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए इन पंचायतों में बाल सभाएं और महिला सभाएं भी करवाई गईं। जहां महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। इस दौरान सार्वजनिक सेवाओं के कई निरीक्षण भी किए गए।
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ग्रामीणों ने बिजली, पानी और सड़क की समस्या उठाई
कार्यक्रम के तहत गांवों को शिष्ट सेवाओं और बेहतर सुविधाओं के साथ आर्थिक उत्थान के मामले में बेहतर बनाया जा रहा है। युवाओं के विकास के लिए खेल किट की खरीद के लिए प्रति पंचायत 20 हजार रुपये दिए हैं। कार्यक्रम के तहत जिले की विभिन्न पंचायतों में पहुंचे अधिकारियों ने लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं जानीं। जहां ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति की समस्याओं को दूर करने, चिकित्सा सुविधा, सड़क संपर्क, लिंक मार्गों, पानी की कमी, स्कूल अपग्रेडेशन, गर्भवती महिलाओं के लिए एंबुलेंस की उपलब्धता, शैक्षिक सुविधाओं की अपग्रेडेशन सहित कई मुद्दों को उठाया।
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आज टिकरी ब्लॉक की 10 पंचायतों में होंगे कार्यक्रम
सोमवार को ब्लॉक टिकरी में शुरू हो रहे इस कार्यक्रम का सभी 10 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने समर्थन का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि उन्हें ई टेंडरिंग तथा पिछले चरणों के अधूरे कामों को लेकर कुछ नारजगी तो है, लेकिन क्षेत्र के विकास को लेकर वह इस बार भी इसका समर्थन करेंगे। अधिकारियों से पिछले चरणों के दौरान बताए कामों में से कुछ के छूटने के कारण जानेंगे। साथ ही क्षेत्र की वर्तमान समस्याओं व जरूरतों को उनके समक्ष रखेंगे। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि उम्मीद है कि पिछले चरणों के दौरान छूटे कार्यों को इस बार जरूर पूरा किया जाएगा।
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किश्तवाड़ की 46 पंचायतों में कार्यक्रम करवाए
किश्तवाड़। जिले के चार ब्लॉकों पाडर, बोंजवाह, मढ़वा और वाड़वन में की 46 पंचायतों में बीटूवी-3 के कार्यक्रम करवाए गए। इस दौरान कई पंचायतों में युवाओं को खेल किट बांटी गईं। खेल गतिविधियां भी करवाईं गईं। हालांकि कुछ पंचायतों में इस कार्यक्रम का विरोध भी जताया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकाल मिलने पर ब्लॉक बोंजवाह के फारूक अहमद ने आभार जताया। इस दौरान खंड विकास अधिकारी, सोबिया फातिमा और सरपंच खालिद हुसैन और अन्य पीआरआई सदस्य आदि उपस्थित रहे।
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टांडा में सड़कें कच्ची, नहीं यात्री वाहन की सुविधा
रियासी। बैक टू विलेज के तीसरे चरण में रविवार को अधिकारियों ने टांडा में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान स्थानीय सरकारी स्कूल के बच्चों को मौके पर बुलाकर उन्हें पाठ्य सामग्री वितरित की गई। ग्रामीणों ने बताया कि जम्मू तथा रियासी जिले के बीच स्थित टांडा गांव काफी पिछड़ा हुआ है। लोगों को अपने हर प्रकार के कार्य करवाने में काफी परेशानी होती है। वाहनों की भी कोई ज्यादा सुविधा नहीं है। सड़के भी कच्ची हैं। पीने के पानी की भी दिक्कत बनी रहती है। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं हल करने का आश्वासन दिया।