उधमपुर। शहर के बीच मौजूद होटलों में क्वारंटीन सेंटर बनाने का विरोध लगातार जारी है। मंगलवार दोपहर को एक बस क्वारंटीन किए लोगों को लेकर सैला तालाब इलाके में सुभाष होटल पर पहुं्ची, लेकिन स्थानीय निवासियों और होटल मालिक ने लोगों को होटल में रखने से इंकार कर दिया। वहीं, शहर के वार्ड 11 में भी पार्षद सहित कई लोगों ने होटल डॉलफिन में क्वारंटीन बनाने का विरोध किया है। जब से प्रशासन ने शहर के अंदर मौजूद होटलों में क्वारंटीन सेंटर बनाने का आदेश जारी किया है, तब से शहरवासियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। सोमवार को लोगों ने सब्जी मंडी में इसके खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया था।
वहीं, मंगलवार को इसको लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों में रोष प्रकट किया गया। जानकारी अनुसार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एक बस क्वारंटीन किए लोगों को लेकर सैला तालाब इलाके में मौजूद सुभाष होटल पर पहुंची। जब होटल मालिक और स्थानीय निवासियों को इसकी सूचना मिली तो सभी ने इनको रखने का विरोध करना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह थी कि बस तो पहुंच गई, लेकिन इस बस के साथ प्रशासन व पुलिस का एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। बस जम्मू से उधमपुर पहुंची थी और इनमें बैठे लोगों का कहना था कि उनको कहा गया है कि सुभाष होटल चलें, वहां पर सभी तरह की व्यवस्था कर दी गई है। जब लोगों ने क्वारंटीन किए लोगों को होटल में नहीं जाने दिया तो चालक बस को लेकर लौट गया।
वहीं, दोपहर को वार्ड 11 की पार्षद आरती वर्मा ने कुछ स्थानीय निवासियों के साथ डॉलफिन होटल में क्वारंटीन सेंटर बनाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि होटल रिहायशी इलाके में मौजूद है। अगर गलती से कोई कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति होटल में आ जाता है तो इससे पूरे वार्ड के लिए हालात खराब हो जाएंगे। प्रशासन को इस आदेश को अमल में लाने से पहले एक बार शहर के लोगों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए।