उधमपुर। मानदेय में बढ़ोतरी और अन्य कई लंबित मांगों को लेकर सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील कुक और सेवादार कर्मचारियों ने रविवार को शहीद भगत सिंह पार्क में शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कई महीनों से मानदेय जारी नहीं किया गया। इसी कारण रोजाना परेशानी बढ़ती जा रही है।
कुक एंड वाटर मैन यूनियन के जिला प्रधान मदन सिंह व अन्य कर्मचारियों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने मिड-डे-मील बनाने के लिए अस्थायी कर्मचारी नियुक्त किए हैं। इनको शिक्षा विभाग की तरफ से 1000 रुपये मानदेय दिया जाता है जबकि पानी की व्यवस्था करने वाले वाटरमैन को 500 रुपये। कर्मचारी करीब 15 वर्ष से मानदेय बढ़ाए जाने की उम्मीद में स्कूलों में मिड-डे-मील बनाने का काम कर रहे हैं। सबको उम्मीद थी कि एक दिन तो सरकार उनके मानदेय में बढ़ोतरी करेगी, लेकिन आज तक सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया।
उन्होंने कहा कि कई सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील बनाने के लिए गैस सिलेंडर की भी सुविधा नहीं है। इन स्कूलों में लकड़ियां काट कर मिड-डे-मील बनाने का काम कर रहे हैं। इनको लकड़ी काटने के भी पैसे नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब सरकार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को सुबह का नाश्ता देने की भी तैयारी कर रही है। अगर ऐसा होता है तो मिड-डे-मील कर्मचारियों का काम दोगुना हो जाएगा। कर्मचारियों को सुबह से दोपहर तक स्कूल में काम करना पड़ेगा। इसलिए उनकी मांग है कि मिड-डे-मील कर्मियों का मानदेय बढ़ाने के साथ ही उन्हें स्थायी किया जाए।
मानदेय के लिए काट रहे शिक्षा विभाग के चक्कर
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई महीने से मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्ज लेकर परिवार का गुजारा करने को मजबूर हैं। मानदेय के लिए कई दिनों से शिक्षा विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें सिवाए आश्वासनों के कुछ भी हासिल नहीं हो पा रहा है। अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की तो सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।