ट्रक चालकों द्वारा कांग्रेस नेता अश्वनी खजूरिया की अध्यक्षता में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के विरोध में रेलवे रोड पर प्रदर्शन किया गया।
ट्रक चालकों का कहना है कि खाद की लोडिंग के लिए लगाए गए ट्रकों को आरपीएफ द्वारा जबरन हटवाया जा रहा है। इसको लेकर आरपीएफ के जवानों ने ट्रक चालकों से कई बार मारपीट की है।
ट्रक चालकों का कहना है कि खाद के एक करेट में 350 अंकों का माल होता है। ऐसे में अंकों को लोड करने में समय लगता है।
खाद लोड करने आए ट्रक चालकों को आरपीएफ के जवानों द्वारा किसी न किसी तरीके से परेशान किया जाता है।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कांग्रेस नेता अश्वनी खजूरिया ने कहा कि एक करेट में 350 ट्रकों का माल होता है।
ट्रकों के चालान बनने व सारी औपचारिकता पूरी होने के बाद ही ट्रकों की लोडिंग की जाती है। इतने सारे ट्रकों को लोड करने में काफी समय लगता है।
पर आरपीएफ के लोग जान बूझकर ट्रक चालकों को परेशान करते हैं। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। कई बार तो ट्रक चालकों के साथ मारपीट की घटना भी हुई है।
अगर ट्रक उधमपुर से लोड होते हैं तो उधमपुर में काम को बढ़ावा मिलता है। आरपीएफ के ऐसे रवैये के कारण लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस बारे में आरपीएफ के अधिकारियों का कहना है कि ट्रक चालकों को कई बार ट्रकों को सही जगह पर पार्क करने को कहा जाता है। ट्रक चालक अपनी मर्जी से ट्रकों को लगा देते हैं।
इसके कारण आरपीएफ के जवानों को अपनी डयूटी करने में परेशानी होती है। जवानों द्वारा ट्रक चालकों को व्यवस्थित ढंग से ट्रक लगाने को कहा गया, लेकिन किसी भी तरह की कोई मारपीट की घटना नहीं हुई है।