- माली गांव में दशकों पुरानी व्यवस्था बिना जन सहमति के हटाने पर नाराजगी
- डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। पंचैरी तहसील के माली गांव में पिछले 50 वर्षों से स्थापित नायब तहसील कार्यालय को अब क्रिमची में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर ग्रामीणों में रोष है। इसके विरोध में सोमवार को गांव माली सहित आसपास की पंचायतों के लोगों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर आपत्ति दर्ज की।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव माली उधमपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है। बीते 50 वर्षों से यहां उप तहसील कार्यालय कार्यरत है। यह केवल माली गांव ही नहीं बल्कि आसपास के कई इलाकों के लोगों के लिए भी प्रशासनिक सुविधा का केंद्र है। दूरदराज से आने वाले गरीब और साधनहीन लोगों को इसी उपतहसील से राहत मिलती रही है। पूर्व सरपंच ने प्रशासन से मांग की कि यदि अधिकारियों को यह स्थान दूर लगता है तो आम नागरिकों के लिए यह दूरी और भी अधिक परेशानी का कारण बनेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई नई उप तहसील नहीं है बल्कि दशकों पुरानी व्यवस्था है जिसे बिना जन सहमति के हटाया जाना गलत है। प्रदर्शनकारियों को नेतृत्व कर रहे डाॅ. मुलख राज भमागी ने भी उप तहसील को माली से शिफ्ट न करने की मांग की। उन्होंने बताया कि माली में उप तहसील के लिए नई इमारत का निर्माण प्रस्तावित था जिसके लिए टेंडर भी हो चुका था। बावजूद इसके निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। उप तहसील को स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया जोकि अनुचित है। इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी मांग को प्रशासन के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि डीसी ने आश्वासन दिया है कि इस मुद्दे पर जल्द ही बैठक बुलाकर सभी पक्षों को सुना जाएगा। इसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन विरोध प्रदर्शन पर उतरना पड़ेगा। पहाड़ी और पिछड़े क्षेत्र में पहले ही बुनियादी सुविधाओं की कमी है। ऐसे में प्रशासन से संवेदनशील निर्णय की अपेक्षा की जा रही है।
बिजली कटौती से लोग परेशान
ग्रामीणों ने क्षेत्र में बार-बार हो रही बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया। इससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इतनी ही मजबूरी है तो दिन में बिजली काटी जाए ताकि रात के समय बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत न हो। वर्तमान में रात के समय बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।