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Udhampur News: बलिदानी कांस्टेबल मुश्ताक अहमद को दी श्रद्धांजलि

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दो फरवरी 2008 को छत्तीसगढ़ में माओवादी विरोधी अभियान में प्राप्त की थी वीरगति
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन ने रविवार को परनोटे मैत्रा में बलिदानी कांस्टेबल मुश्ताक अहमद के 18वीं शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कांस्टेबल मुश्ताक अहमद ने 2 फरवरी 2008 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान 63वीं बटालियन सीआरपीएफ के साथ ड्यूटी निभाते हुए वीरगति प्राप्त की थी। अभियान के दौरान सीआरपीएफ के एक दल पर हथियारों से लैस माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया। सीआरपीएफ जवानों ने साहस और रणनीतिक कुशलता के साथ जवाबी कार्रवाई की। दल को दो भागों में विभाजित कर माओवादियों के ठिकानों पर हमला किया। इस मुठभेड़ में कांस्टेबल मुश्ताक अहमद ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। बलिदानी अपने पीछे पत्नी वीर नारी रुबीना बेगम और दो बेटे छोड़ गए हैं। बलिदानी की शहादत को नमन करने के लिए 84वीं बटालियन सीआरपीएफ ने ओकफील्ड इंटरनेशनल स्कूल परनोटे मैत्रा में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया। समारोह में कमांडेंट एन रणबीर सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी विक्रम सिंह, सहायक कमांडेंट आरआर मीना व विकास कुमार, 84वीं बटालियन के 100 से अधिक जवान, शहीद के परिजन और क्षेत्र के नागरिक व विद्यार्थी उपस्थित रहे। वीर नारी रुबीना बेगम को सीआरपीएफ ने शॉल व स्मृति चिह्न भेंट किया।
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