उधमपुर। तीन वर्ष की मनरेगा की दिहाड़ी की राशि जारी करने की मांग को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने शहर में आंबेडकर चौक पर ग्रामीण विकास विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि राशि जारी करने की मांग को लेकर कई वर्षों से ग्रामीण विकास विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी उनकी मांग को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
सुबह करीब 11 बजे जगदेव सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ग्रामीण विकास विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान जगदेव सिंह ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग ने 2016,17 और 18 की मनरेगा के काम में लगाई गई दिहाड़ी की राशि का भुगतान नहीं किया है। तीन वर्ष के दौरान मनरेगा के तहत ग्रामीण इलाकों में कई गलियों, पुलों का निर्माण किया गया था। इस काम में सैकड़ों ग्रामीणों ने दिहाड़ी लगाई थी। किसी ने रेत, बजरी, सीमेंट का इंतजाम करने की जिम्मेदारी उठाई थी और अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च किए थे। कई वर्ष बीतने के बाद भी सरकार की तरफ से इनकी राशि का भुगतान नहीं किया गया है। कई बार अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन अधिकारियों को सौंपे गए। साथ ही डीसी और कई बड़े अधिकारियों को भी परेशानी के बारे में बताया, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया है। कोरोना महामारी के बीच भी ग्रामीण राशि का भुगतान न किए जाने के कारण आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। कोरोना संकट को देखते हुए भी विभाग की तरफ से राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों कमिश्नर सेक्रेटरी ग्रामीण विकास विभाग शीतल नन्दा ने जिला उधमपुर का दौरा किया था और मनरेगा के तहत किए गए कामों का निरीक्षण किया था। ग्रामीणों ने अपनी परेशानी को उनके सामने भी रखा था, लेकिन इसके बावजूद आज तक राशि का भुगतान नहीं किया गया है। आज सभी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर अपनी मांग को उपराज्यपाल तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। अगर फिर भी मांग को पूरा नहीं किया तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा।