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Udhampur News: जीएमसी में ओपीडी बंद कर प्रदर्शन, मरीज परेशान

Sun, 18 Aug 2024 04:45 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
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- कोलकाता में हुई बर्बर घटना के दोषियों को फांसी व डाक्टरों के लिए सुरक्षा देने की मांग की
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इमरजेंसी में आए लोगों की जांच 4 की बजाय 8 डॉक्टरों ने की

संवाद न्यूज एजेंसी

उधमपुर। कोलकाता में महिला डाक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या के खिलाफ शनिवार को जीएमसी में ओपीडी सेवा को बंद रखकर रोष जताया। सुबह दस बजे से ओपीडी बंद रही। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इमरजेंसी को खुला रखने के साथ ही डाक्टरों की संख्या को बढ़ाया गया था। रोजाना इमरजेंसी में 4 डाक्टर होते हैं। लेकिन ओपीडी बंद होने के चलते 8 डाक्टरों ने सेवाएं दीं।
गौरतलब है कि रोजाना अस्पताल में होने वाली ओपीडी की बात करें तो 800 के करीब मरीज विभिन्न डाक्टरों की ओपीडी में आते हैं। प्रदर्शन के दौरान डाक्टरों ने सरकार से दोषियों के खिलाफ फांसी व डाक्टरों के लिए सुरक्षा की मांग की है। वहीं डॉ. नितिन कुडियार, डा. विनोद, डॉ. अश्वनी, सहित अन्य डाक्टरों का कहना था कि कोलकाता में महिला डाक्टर के साथ पेश आई घटना बहुत दुखद है।
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डाक्टरों के हड़ताल व ओपीडी बंद होने के चलते शहर व जिला के दूरदराज से आए मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई मरीज तो ओपीडी बंद होने के चलते चले गए, जबकि कुछ ने निजी क्लीनिकों की ओर रूख किया। मरीजों का कहना था कि बेशक अस्पताल प्रशासन की ओर से इमरजेंसी में डाक्टरों की संख्या को बढ़ाया गया है। लेकिन अधिक संख्या में मरीज होने के कारण सभी के स्वास्थ्य की जांच नहीं हो पाई है।

बंद रही अस्पताल की लैब
अस्पताल परिसर में मरीजों के टेस्ट करने वाली लैब भी बंद रही। हालांकि जिन मरीजों को इमरजेंसी में डाक्टरों द्वारा टेस्ट लिख कर दिए जा रहे थे सिर्फ उन्हीं मरीजों के टेस्ट लैब में किए जा रहे थे। कई मरीजों को अपने टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब में जाना पड़ा।

ज्योति देवी का कहना था कि कोलकाता की घटना निंदनीय है। जल्द दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही डाक्टरों की मांग भी पूरी की जाए। राजकुमार का कहना था कि वह अपने परिजन को लेकर अस्पताल में आए थे। इमरजेंसी में मरीज को दिखा तो दिया लेकिन भीड़ के कारण डाक्टर उतना समय नहीं दे पा रहे हैं, जितना कि मरीज की जांच में लगता है। सरकार को यह समझना चाहिए कि पूरे देश में डाक्टर हड़ताल पर हैं। सरकार को कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
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सुषमा देवी ने कहा कि डाक्टरों की मांग जायज है। डाक्टर ही खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, तो कैसे मरीजों की जांच करेंगे। कड़े कदम उठाने की जरूरत है। शिवाली देवी ने कहा कि मरीज को लेकर अस्पताल आए थे। लेकिन ओपीडी बंद होने के चलते निजी क्लीनिक में जाना पड़ रहा है। डाक्टरों की सुरक्षा बढ़ाने पर जोर भी दिया।

मरीजों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए इमरजेंसी में 8 डाक्टर डयूटी पर थे। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य की जांच जारी रही।
संजय शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसी



रिपोर्ट, परवेज खान
फोटो सहित
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