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Udhampur News: 10 देशों के प्रतिनिधियों ने पेश किए 300 से अधिक शोध पत्र

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बाहरी विश्वविद्यालयों से आए सदस्यों को सम्मानित करते गणमान्य । स्रोत्र विवि
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एसएमवीडीयू ने उन्नत सामग्री पर अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मेलन आयोजित किया
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संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) के स्कूल ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग (एसएमई) ने ''सतत भविष्य के लिए उन्नत सामग्रियों'' पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीएएमएसएफ-2025) की सह-मेजबानी की। चितकारा विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन का विषय ऊर्जा, दक्षता, अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता था। कुल 39 तकनीकी सत्रों में 10 देशों के 300 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें ऊर्जा भंडारण, उद्योग 4.0 और पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
उद्घाटन सत्र के दौरान एसएमवीडीयू के कुलपति प्रो. प्रगति कुमार ने मैटेरियल साइंस और ट्राइबोलॉजी के क्षेत्र में अत्याधुनिक शोध के लिए विश्वविद्यालय की क्षमता पर प्रकाश डाला।
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सम्मेलन में बोर्नमाउथ विश्वविद्यालय (यूके), योनसेई विश्वविद्यालय (सियोल, दक्षिण कोरिया), एशियाई प्रौद्योगिकी संस्थान (थाईलैंड), लुलिया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (स्वीडन), नेपल्स विश्वविद्यालय (इटली) और लजुब्लजाना विश्वविद्यालय (स्लोवेनिया) जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। साथ ही, पीईसी चंडीगढ़, वीएनआईटी नागपुर और एनआईटी नागालैंड जैसे प्रमुख भारतीय संस्थानों ने भी अपने शोध प्रस्तुत किए।
डॉ. मीर इरफान उल हक (एसोसिएट प्रोफेसर, एसएमई), डॉ. अंकुश रैना (सहायक प्रोफेसर, एसएमई) और डॉ. संजय मोहन (एसोसिएट प्रोफेसर, एसएमई) द्वारा समन्वित इस आयोजन ने नवाचार और ज्ञान-साझाकरण के लिए एक गतिशील मंच प्रदान किया। सम्मेलन में पर्यावरण उपचार के लिए सामग्री संश्लेषण, ऊर्जा भंडारण एवं रूपांतरण, उद्योग 4.0/5.0 में उन्नत विनिर्माण, चरम कार्यात्मकताओं के लिए सामग्री और इंजीनियरिंग ट्राइबोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
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इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ), वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) जैसे प्रमुख संस्थानों का समर्थन प्राप्त हुआ। एसएमई के प्रमुख डॉ. यथेष्ट आनंद ने तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एसएमवीडीयू की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करते हुए ऐसे आयोजनों के महत्व पर जोर दिया।
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