उधमपुर। जम्मू संभाग में शराब की 45 नई दुकानें खोलने के फैसले पर विरोध जताते हुए पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने सरकार को संभाग को शराब का अड्डा बनाने की बजाय युवाओं को रोजगार प्रदान करने की योजना बनाने की नसीहत दी है।
शनिवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जम्मू में नए शराब के ठेके खोलने का फैसला लिया है। इससे जम्मू के लोगों में आक्रोश है। क्योंकि पहले ही लगभग 200 से ज्यादा शराब के ठेके जम्मू में चल रहे हैं और अब प्रशासन ने 45 नए शराब के ठेके खोलने का निर्णय लिया है। मनकोटिया ने कहा कि जम्मू मंदिरों का शहर है, इसे शराब के ठेकों का शहर बनाया जा रहा है। ताकि बेरोजगार नौजवानों को नशे की लत लगाकर उनकी जिंदगी बर्बाद की जाए। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल प्रशासन गलतफहमी में न रहे कि वे जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक सरकार की बहाली के अभाव में कोई भी मनमानी कर जम्मू के लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करेंगे।
उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में आए दिन डेलीवेजर धरने पर हैं, नौजवान नौकरियां न मिलने के कारण परेशान हैं और जम्मू कश्मीर प्रशासन लोगों की समस्याओं का हल करने की बजाय अब पहाड़ी क्षेत्रों में भी लोगों के घरों के बाहर शराब के ठेके खोलने में लगे हुए हैं। इसे हमारा संगठन व जम्मू के लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे डोगरा क्रांति दल के बैनर तले युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए लगातार जागरूक कर रहें हैं। जबकि प्रदेश प्रशासन युवाओं को नशेड़ी बनाने के काम कर रहा है। सरकार बिहार, गुजरात व कई अन्य राज्यों को ड्राई स्टेट बना रहे हैं, लेकिन जम्मू के लोगों के घरों के बाहर ठेके खोलकर उन्हें नशेड़ी बनाना चाहती हैं। इसलिए उनकी मांग है जम्मू कश्मीर के सभी नए पुराने ठेकों को बंद कर इसे भी ड्राई स्टेट बनाया जाए।