संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से मंगलिया में 1975 में बनाए गए सरकारी प्राइमरी स्कूल की इमारत खस्ताहाल हो चुकी है। 1993 में इस स्कूल को अपग्रेड कर गर्ल्स मिडिल स्कूल बना दिया, लेकिन एक बार भी भवन की मरम्म नहीं कराई गई। हालात यह हैं कि स्कूल के कमरों की दीवाराें पर दरारें पड़ चुकी हैं। छत से सीमेंट उखड़ रहा है।
मौजूदा समय में स्कूल में लगभग 72 बच्चे पढ़ रहे हैं। इस जर्जर इमारत में विद्यार्थियों का पढ़ना खतरे से खाली नहीं है। हैरानी की बात है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी स्कूल की खस्ताहाल इमारत की ओर विभाग का ध्यान नहीं गया। कई बार स्थानीय लोगों ने विभाग से स्कूल की खस्ताहाल इमारत की मरम्मत करवाने की गुहार लगाई है लेकिन आज तक सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला।
पूर्व सरपंच करनैल सिंह, वीरेंद्र सिंह, संजीव कुमार, प्रीतम सिंह, गौरी शंकर, गिरधारी लाल, राजकुमार आदि ने बताया कि विभाग द्वारा इस स्कूल को अपग्रेड किए भी कई साल हो गए हैं लेकिन इमारत की मरम्मत नहीं हो पाई। कमरों की दीवारों पर कई जगह दरारें पड़ चुकी हैं। कई जगह से सीमेंट उखड़ रहा है। बच्चियां इसी खस्ताहाल कमरों में बैठकर पढ़ाई करने पर मजबूर हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि गर्मी की छुट्टियां खत्म होने से पहले स्कूल की इमारत की मरम्मत करवाई जाए।
कोट..इस साल के वित्त वर्ष के प्लान में जिले के कई स्कूलों की मरम्मत के लिए प्लान बनाकर भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इस स्कूल की इमारत की भी मरम्मत भी शुरू करवा दी जाएगी। -
कमल किशोर बड़याल, सीईओ