उधमपुर। सीन ठकरां गांव में कृषि और किसान कल्याण विभाग की तरफ से एक कार्यक्रम हुआ। इसमें लेमन ग्रास के प्रति किसानों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय एकीकृत चिकित्सा संस्थान जम्मू के सहयोग से मुख्य कृषि अधिकारी सुभाष चंद्र शर्मा और जिला कृषि अधिकारी (विस्तार) आलोक पंडोत्रा की देखरेख में हुआ।
इसमें केवीके रियासी के वैज्ञानिक (एग्रोनॉमी) संजय कौशल ने लेमन ग्रास की खेती और इसके लाभों के लिए अपनाए जाने वाले पैकेज और तकनीको पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को उस भूमि पर लेमन ग्रास की खेती करने के लिए कहा, जो बंदरों के चलते बंजर पड़ी है। बंदर लेमन ग्रास नहीं खाते हैं। इसलिए इसकी खेती से आय बढ़ोतरी में मदद मिलेगी। लेमन ग्रास की खेती से लेमन ग्रास ऑयल और अन्य अत्याधिक मांग वाले प्रसंस्कृत उत्पादों को तैयार किया जाता है। लेमन ग्रास ऑयल को कीटाणुनाशक, एंटी-फंगल, एंटी-वायरल, इम्युनिटी बूस्टर में से एक माना जाता है और इसका उपयोग बहुउद्देश्यीय कार्यों के लिए किया जाता है। इसके अलावा लेमन ग्रास को अन्य फसलों की खेती की तुलना में बहुत कम श्रम और धन की आवश्यकता होती है।
कृषि अधिकारी ने कहा कि जिले में लेमन ग्रास की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि और किसान कल्याण विभाग और भारतीय एकीकृत चिकित्सा संस्थान जम्मू और केवीके रियासी द्वारा संयुक्त रूप से एक अनूठी पहल की गई है। किसानों को इसका लाभ उठाना चाहिए। इस मौके पर इच्छुक किसानों को उनके खेतों में बुवाई के लिए नि:शुल्क पौधे भी उपलब्ध कराए गए। सुनील गुप्ता एमडीए ने लेमन ग्रास के साथ किसानों को आय दोगुनी करने में मशरूम की खेती के महत्व के बारे में भी अवगत कराया।