किश्तवाड़। कोरोना महामारी ने देश-दुनिया में हाहाकार मचा रखा है, बड़ी संख्या में परिवारों को इसके कहर का सामना करना पड़ रहा है। जिले की पलमाड़ पंचायत के कुंडग्वाड़ी गांव का परिवार कोरोना के चलते बिखर गया। तीन दिन पहले परिवार के मुखिया बलदेव सिंह (75) की मौत संक्रमण के कारण हो गई, 48 घंटे के अंदर उनकी पत्नी पुष्पा देवी (70) की भी मौत हो गई। संक्रमित बेटा, बहू मां-बाप और दो पोतियां दादा-दादी का चेहरा भी नहीं देख सके। वह छोटे बेटे पुलिस कर्मी पंकज कुमार के साथ रहते थे। संक्रमितों का अलग-अलग जगह उपचार चल रहा है।
कुछ रिश्तेदारों ने करवाया अंतिम संस्कार
परिवार की अनुपस्थिति में तीन बेटों सहित कुछ ही रिश्तेदार अंतिम संस्कार में शामिल हो पाए हैं। लेकिन जिस छोटे बेटे साथ उसके माता-पिता रहते थे उसे उनका चेहरा देखना तक नसीब नहीं हुआ है। पूरे गांव में शोक की लहर है।
पंकज की हालत ठीक नहीं, जिला अस्पताल में उपचाराधीन
पुलिस कर्मी बेटे पंकज कुमार की खुद हालत खराब है। मौजूदा समय में उसका जिला अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं, उनकी पत्नी और दो बेटियां कोविड केयर सेंटर पलमाड़ में क्वारंटीन हैं। इस दौरान लोग फोन पर ही उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ लोगों में रोष
अंतिम संस्कार में विभाग के किसी अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर स्थानीय लोगों ने रोष जताया है। गांव के लोगों और रिश्तेदारों को ही कोविड एसओपी के तहत संस्कार करना पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया है कि जिला अस्पताल में संक्रमितों का उचित ध्यान नहीं रखा जा रहा है।