स्कूल परिसर में आयोजित किया गया दूसरा नागरिक सुरक्षा अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। आपात स्थितियों के दौरान सामुदायिक तैयारी और प्रतिक्रिया को बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन लोगों को जागरूक कर रहा है। इसके तहत शनिवार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के सहयोग से सरकारी मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (जीएमएचएसएस) में ऑपरेशन शील्ड चलाया गया। इसके तहत प्रशिक्षण सत्र-सह-मॉक ड्रिल नाम से द्वितीय नागरिक सुरक्षा अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल में युवा विद्यार्थियों को प्राकृतिक, मानव निर्मित आपदाओं के दौरान प्रभावी बचाव और सुरक्षा तकनीकों के बारे में जागरूक किया गया, जिसमें एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन टीमों ने कार्य का प्रदर्शन कर परस्पर संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया।
इस दौरान छात्रों को निकासी विधियों, बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन और घबराहट की स्थिति से निपटने के बारे में बताया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) वरुणजीत सिंह चाढ़क ने कहा कि कार्यक्रम स्थल के रूप में स्कूल का चयन जानबूझकर किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवा छात्र सुरक्षा और जागरूकता के सर्वोत्तम दूत हैं। आज उन्हें प्रशिक्षण देने से कल लचीला और जागरूक समाज बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस ज्ञान को अपने परिवारों और समुदायों तक पहुंचाएं, जिससे जिले की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली मजबूत हो सके।
नागरिक सुरक्षा प्रभारी (डीएसपी डीएआर) कुलदीप ने संकट की स्थिति में नागरिक सुरक्षा और एसडीआरएफ की भूमिका बताकर ऐसी तैयारी पहलों में नागरिकों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया।
उन्होंने अप्रत्याशित घटनाओं के दौरान हताहतों और क्षति को न्यूनतम करने के लिए समय पर अभ्यास और प्रशिक्षण का महत्व बताया। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ बातचीत कर आपदा तैयारी और सामुदायिक सुरक्षा में गहरी रुचि दिखाई।
इस अवसर पर तहसीलदार दीप कुमार, जीएमएचएसएस के प्रिंसिपल केवल कृष्ण शर्मा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के अधिकारी, एसडीआरएफ विशेषज्ञ और मेजबान संस्थान के कर्मचारी एवं छात्र मौजूद थे।
रियासी में मार्क ड्रिल करते एसडीआरएफ कमी व मौके पर मौजूद डीसी,पुलिस अधिकारी व स्थानीय लोग।