किश्तवाड़। जिले की बोंजवाह तहसील के ज्वालापुर क्षेत्र में सेना ने महिला सशक्तीकरण की ओर कदम बढ़ाते हुए सिलाई प्रशिक्षण केंद्र खोला है। ऑपरेशन सद्भावना के तहत शुरू किए इस कार्यक्रम मेें 90 दिनों तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह नया प्रशिक्षण कार्यक्रम एक पायलट प्रोजेक्ट है जिसमें स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बनाकर महिलाओं की सामूहिक ताकत दिखाने के लिए नौ बेरोजगार महिला लाभार्थियों का चयन किया गया है। लाभार्थियों में आतंकवादी हमलों की शिकार महिलाएं, स्थायी रूप से अक्षम, मारे गए आतंकवादियों के परिवार के सदस्य और गरीबी रेखा से नीचे की महिलाएं शामिल हैं। इस महिला अधिकारिता केंद्र में सेना ने नौ सिलाई मशीन के अलावा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
इस परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, और उनके कठिन समय में एक अमूल्य संसाधन देना है। एसएचजी उनके कौशल को बढ़ाने में सहायता करने के अलावा इन महिलाओं को एक-दूसरे के आत्मविश्वास और आत्म सम्मान का निर्माण करने के लिए प्रेरित करेगा। इस कार्यक्रम में सेना के प्रतिनिधियों के अलावा तहसीलदार इरशाद अहमद और नायब तहसीलदार शौकत अहमद, डीडीसी सदस्य अमीना चौधरी और सरपंच ने भाग लिया।
तहसीलदार ने कहा कि सेना के इस प्रयास से गरीबों की हालत सुधारने में काफी मदद मिलेगी, और क्षेत्र में अधिक सांप्रदायिक और सामाजिक सद्भाव भी आएगा। नायब तहसीलदार और डीडीसी सदस्य ने यह भी बताया कि अविकसित दूरदराज की महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनने के लिए तत्पर हैं। वह अपने और परिवार की गुणवत्ता व जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने बेरोजगार महिलाओं को बेहतर अवसर, उज्जवल और समृद्ध भविष्य की आशा देने के लिए सेना का आभार व्यक्त किया।