उधमपुर। सोमवती अमावस्या पर शहर व ग्रामीण इलाकों में स्थित लोगों ने परिवार की सुख समृद्धि के लिए पवित्र स्थानों पर पहुंच कर स्नान किया और जरूरतमंद लोगों में दानपुण्य भी किया। देविका नदी के तट पर सैकड़ों महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दिन विशेष तौर पर ब्रह्मा व विष्णु की पूजा की जाती है।
सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही देविका नदी के तट पर स्थित मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना आरंभ हो गया था। श्रद्धालुओं में ज्यादातर महिलाएं थीं। सबसे पहले महिलाओं ने पवित्र स्नान किया और फिर वट के वृक्ष की परिक्रमा कर परिवार की सुख समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना की। देविका तट पर पहुंचने वाली महिलाओं ने बताया कि इस दिन दानपुण्य का काफी महत्व होता है। पवित्र स्नान करके वट वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा की जाती है और फिर जरूरतमंदों को दान किया जाता है। वहीं, दानपुण्य करने पर घर में किसी चीज की भी कमी नहीं रहती है। भगवान की कृपा से सारे सुख प्राप्त होते हैं। पंडित सुदर्शन कुमार शास्त्री ने बताया कि सोमवती अमावस्या पर महिलाओं को वट वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करनी होती है, जिसके बाद ही पूजा सफल होती है।
सामाजिक दूरी का नहीं रखा गया ख्याल
सैकड़ों महिलाओं के पहुंचने पर देविका नदी के तट पर सामाजिक दूरी का ख्याल नहीं रखा गया। सुबह पांच बजे से ही महिलाओं का देविका तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा की, लेकिन कोरोना के चलते निर्देशों का पालन नहीं किया गया।