हादसों का हॉटस्पॉट बना पांच किमी का स्ट्रेच, गड्ढे के कारण महिला की मौत ने खड़े किए सवाल
उधमपुर। शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाला पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग अब आम जनता के लिए खूनी बन चुका है। यह सड़क अब हादसों का पर्याय बन गई है। दो दिन पहले एमएच चौक के पास गहरे गड्ढे के कारण स्कूटी सवार महिला की हुई मौत ने प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल दी है। आलम यह है कि जखैनी चौक से लेकर आमोड़ा मोड़ तक करीब पांच किलोमीटर का सफर अब मौत को बुलावा दे रहा है।
यह सड़क तब तक सुरक्षित थी जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन थी। जैसे ही एनएच-44 के रूप में जखैनी बाईपास तैयार हुआ तो पुराने हिस्से को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के हवाले कर दिया गया। तब से महत्वपूर्ण मार्ग की सुध लेने वाला कोई नहीं है। भारत नगर मोड़, न्यू बस स्टैंड, एमएच चौक और डाक बंगला जैसे प्रमुख इलाकों में सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
हर दिन दो से तीन हादसे, स्कूली बच्चों पर मंडराया खतरा
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में भारी रोष है। व्यापारी अनिल, बंटी और ओम प्रकाश का कहना है कि इस मार्ग पर रोजाना दो से तीन छोटे-बड़े हादसे होना आम बात हो गई है। सबसे ज्यादा शिकार दोपहिया वाहन चालक हो रहे हैं। दो दिन पहले ही युवक के साथ जा रही महिला गड्ढे में स्कूटी अनियंत्रित होने की वजह से सड़क पर गिर गई। उसके सिर पर गंभीर चोट लग गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर महिला की जान गई, वहां पास में ही दो बड़े स्कूल संचालित हो रहे हैं। हजारों स्कूली बच्चों का खस्ताहाल सड़क से गुजरना उनकी जान को जोखिम में डाल रहा है।
अब कार्रवाई का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवनियुक्त डीसी मिंगा शेरपा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि एडीडीसी ने उन्हें समस्या से अवगत कराया है। डीसी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ बात कर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।