लगातार जारी वीआईपी मूवमेंट भी दूर नहीं कर पाई लोगों की समस्या
उधमपुर। जम्मू-श्रीनगर को उधमपुर शहर से जोड़ने वाला पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग अनदेखी का शिकार हो रहा है। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ रोड की वजह से हर किसी को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस सड़क से रोजाना कई बार वीआईपी मूवमेंट होती रहती है, लेकिन किसी ने जनता की समस्या को दूर करने की जहमत नहीं उठाई। कोराेना काल के दौरान सीवरेज निर्माण कार्य से खस्ताहाल हुई सड़कों पर जगह-जगह तारकोल बिछाने का काम किया जा रहा है। मगर जिला मुख्यालय में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग की अनदेखी की जा रही है।
खानापूर्ति कर गड्ढों में भरा जाता है मलबा
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे स्थित फ्लाटा से जखैनी तक 15 किलोमीटर पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग का स्ट्रैच उधमपुर शहर के बीचोबीच से गुजरता है। मगर शहर के मुख्य हिस्से में सुई मोड़, एमएच चौक और न्यू बस स्टैंड पर जगह-जगह गड्ढे पड़ चुके हैं और बड़ा हिस्सा उबड़खाबड़ हो चुका है। बारिश में गड्ढ़ों में पानी भरने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खानापूर्ति कर विभाग गड्ढों में मलबा भर देता है।
पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग से जिला मुख्यालय की प्रत्येक गतिविधि जुड़ी रहती है। चाहे वह किसी के निधन पर देविका में अंतिम संस्कार से जुड़े रीति रिवाज हों या फिर रोजमर्रा के कामकाज । शहर का 90 प्रतिशत यातायात यहीं से गुजरता है। ऐसे में सड़क पर अव्यवस्था से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- सुभाष शर्मा, समाज सेवक
स्कूल व दफ्तरों के समय सुबह-शाम सड़क पर काफी ट्रैफिक गुजरता है। स्कूली बच्चों के वाहनों से लेकर यात्री वाहनों की संख्या काफी अधिक होती है। सड़क पर पड़े गड्ढों से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती रहती है। सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाना चाहिए।
- कमल गुप्ता, समाज सेवक।
रोड से रोजाना कई वीआईपी गुजरते हैं। वीआईपी को दिक्कत न हो इसके लिए सुरक्षा कर्मी तो तैनात रहते हैं, लेकिन सड़क के कारण प्रत्येक वर्ग हो रही परेशानी को लेकर कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।
- जोगिंद्र वर्मा, वरिष्ठ नागरिक
शहर को श्रीनगर और जम्मू से जोड़ने वाली रोड से हर रोज कई बाहरी राज्यों से आने वाले यात्री व पर्यटक भी गुजरते हैं। मगर शहर के बीचोबीच सड़क की दयनीय स्थिति शहर की सौंदर्यता को ग्रहण लगा रही है। समस्या के समाधान को लेकर जल्द ही उचित कदम उठाने चाहिए।
- सुरेश खजूरिया, वरिष्ठ खिलाड़ी
प्रशासन इस समस्या को लेकर काफी गंभीर है। संबंधित विभाग से समस्या को दूर करने के लिए बात चल रही है। जल्द ही परियोजना तैयार कर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
प्रेम सिंह चिब, एडीसी