उधमपुर। शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर परिषद ने योजना बनाई है। शहर के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय तक पार्क किए गए छोटे चौपहिया वाहनों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। इसमें एआरटीओ उधमपुर और पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा। इन वाहनों के हटने के बाद बाजार व शहर के विभिन्न हिस्सों में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और शहरवासियसों को जाम की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
शहर में सैकड़ों छोटे चौपहिया वाहन मौजूद है। वहीं, सैकड़ों ऐसे लोग भी है जिनके पास वाहन खड़ा करने की जगह नहीं है। यह लोग अपने वाहनों को शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों के किनारे खड़ा कर देते हैं और कई-कई दिन तक उन्हें हटाया नहीं जाता है। जब तक यह वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं तो दूसरे वाहनों को चलने के लिए जरूरत अनुसार स्थान नहीं मिलता है और फिर इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और शहर के विभिन्न हिस्सों में जाम लगता है। इसको लेकर ही नगर परिषद अब सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इन वाहनों को सड़कों से हटाकर लोगों के चलने के लिए स्थान तैयार किया जाएगा। नगर परिषद लंबे समय से पार्क किए वाहनों की सूची तैयार करेगा और फिर इनके नंबर एआरटीओ उधमपुर और पुलिस को देगा। पुलिस इन वाहनों के चालकों को हटाने की चेतावनी देगा। अगर फिर भी किसी ने वाहनों को नहीं हटाया तो फिर वाहनों को कब्जे में लेकर कार्रवाई की जाएगी।
रेहड़ी जोन पार्किंग स्थल में तब्दील
नगर परिषद की तरफ से तैयार किया गया रेहड़ी जोन कई वर्षों से पार्किंग स्थल बना हुआ है। इस स्थान पर सुबह से रात तक वाहन पार्क रहते हैं। इन वाहनों का मालिक कौन है, किसी को कुछ पता नहीं है। इन वाहनों के कारण दूसरे लोगों को पैदल चलने के लिए भी स्थान नहीं मिलता है।
सड़क के चौड़ा होने के बाद बन गया पार्किंग स्थल
सैला तालाब इलाके में डीएफओ कार्यालय के पास करीब तीन वर्ष पहले वाहनों की आवाजाही को सुचारु रूप से चलने के लिए लिंक रोड़ के बड़े हिस्से को चौड़ा कर डबल लेन सड़क बनाई गई थी। इसके चौड़ा होने के बाद कुछ लोगों ने चौड़ा किए हिस्से को पार्किंग स्थल बना दिया। इस स्थान पर भी हमेशा वाहन पार्क रहते हैं और यातायात प्रभावित रहता है।
बिना किसी कारण के लंबे समय से पार्क किए वाहनों को हटाने के लिए नगर परिषद योजना तैयार कर रही है। जल्द ही इसको लेकर एआरटीओ और पुलिस के साथ बैठक कर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। चेतावनी देने के बाद भी कोई नहीं माना तो फिर सख्त कार्रवाई होगी।
- डा. जोगेश्वर गुप्ता, चेयरमैन, नगर परिषद