उधमपुर। सरकारी स्कूलों में कम नामांकन मामले में शिक्षा विभाग सख्त है। वीरवार को विभाग ने 20 प्राथमिक और चार माध्यमिक विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या सामान्य से कम है।
इन विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि दो दिनों में नामांकन बढ़ाएं और लक्ष्य प्राप्ति का प्रमाण पत्र संबंधित कार्यालय में जमा करें। अगर विद्यालय ऐसा करने में नाकाम रहता है तो विद्यालय के समस्त कर्मचारियों का वेतन संतोषजनक उत्तर न देने तक रोक कर रखा जाएगा। नोटिस के मुताबिक इन विद्यालयों के सभी प्रधानाध्यापकों को स्टाफ के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी कि स्कूल में कम नामांकन क्यों हो रहा है?
कार्यालय में संतोषजनक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने तक उक्त स्कूलों के समस्त कर्मचारियों का अप्रैल माह से आगामी माह का वेतन रोक कर रखा जाएगा। उक्त नोटिस वीरवार को सुबह 11 बजे सीईओ कार्यालय उधमपुर में आयोजित बैठक के बाद जारी किया गया। निदेशक स्कूल शिक्षा जम्मू एवं सीईओ उधमपुर के निर्देशानुसार ये नोटिस जेडईओ गुलशन कुमार ने जारी किए हैं।
जेडईओ की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि एक प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या 15 से ऊपर होनी चाहिए। इसी तरह एक माध्यमिक विद्यालय में 35 से अधिक विद्यार्थियों का होना आवश्यक है। हाल ही में शिक्षा विभाग ने जिले के सभी स्कूलों का ब्योरा निकाला था जिसमें सैकड़ों स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 50 से भी कम पाई गई। इसी पर सख्त होते हुए विभाग ने 20 प्राथमिक और चार माध्यमिक विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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इन विद्यालयों को मिला नोटिस
शिक्षा विभाग ने 20 प्राथमिक जीपीएस एटी गेट, जीपीएस बेली, जीपीएस भांगड़ा जागीर, जीपीएस परलाख, जीपीएस कठियाला, जीपीएस एससी मोहल्ला चक्खड़, जीपीएस गुर्जर मोहल्ला चक्खड़, जीपीएस धनोरी, जीपीएस दयाला चक, जीपीएस लोअर कंडल, जीपीएस चिचि मोहल्ला डबरैह, जीपीएस मालेड, जीपीएस छित्तरंबली, जीपीएस लोअर सोरप, एमपीएस सुमास, जीपीएस हिम्ब्रा, जीपीएस नाडा-दा-गैर, जीपीएस खोड़ा-दा-गैर, जीपीएस रिट्टी और जीपीएस लोवरकी धार को नोटिस जारी किया है। वहीं, चार माध्यमिक विद्यालय जीएमएस पडानू, जीएमएस लारिंग, जीएमएस उरलियां और जीएमएस परला चक को कारण बताओ नोटिस दिया है।