उधमपुर। अचार, जैम और फास्ट फूड का स्वरोजगार शुरू कर डबरैह की निशा देवी ने आत्मनिर्भरता का मिसाल पेश की। वह भी पहले अन्य युवाओं की तरह सरकारी रोजगार की तलाश में थीं लेकिन बाद में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण लिया और अब दूसरों को रोजगार देने के काबिल बन चुकी हैं।
इंटरमीडिएट तक शिक्षित निशा देवी (36) विवाह के बाद घरेलू कार्यों में व्यस्त रहीं लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव आने के बाद उन्होंने कुछ अलग करने का निर्णय लिया। लगभग ढाई वर्ष पूर्व प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद घर से ही लघु इकाई स्थापित कर कार्य प्रारंभ किया।
हर माह 15 से 20 हजार रुपये की आमजन हो रही है। साथ ही गांव की अन्य महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़ना शुरू किया है। उनका कहना है कि महंगाई के दौर में महिलाओं का आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है। यदि महिलाएं घर बैठे छोटे व्यवसाय शुरू करें तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकती हैं बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।