उधमपुर/रामनगर। हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस पंकज मित्थल ने शनिवार को रामनगर में नवनिर्मित सब जज कोर्ट कॉम्पलेक्स जनता को समर्पित किया। इस मौके पर जिला प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति ताशी राबस्टर भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम चीफ जस्टिस को जिला पुलिस की ओर से अदालत परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वहीं, बताया कि भवन का निर्माण 5.40 करोड़ रुपये से किया गया है। इसमें कोर्ट रूम, नियाबत कोर्ट, क्रिमिनल सेक्शन, अभियोजन, स्टाफ सेक्शन, लाइब्रेरी और मालखाना के अलावा लोक अदालत आदि की भी सुविधा है। ऑफिस के साथ न्यायाधीश की रिहायश के लिए तीन बेड रूम, ड्राइंग रूम, किचन, लॉबी और अटैच टॉयलेट भी बनाए गए हैं।
अदालत कांप्लेक्स और आवासीय क्वार्टर का निर्माण 10 कनाल से अधिक भूमि में अधिक में किया गया है। इसमें सिविल जज, सीनियर डिवीजन (सब जज), प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की आवास की भी सुविधा रखी गई है। चीफ जस्टिस ने कहा कि नई इमारतों का निर्माण और अदालतों में आधारभूत ढांचे को सुगम बना कर कर जनता को सुगम तरीक से न्याय दिलाना है। नवनिर्मित कोर्ट कांप्लेक्स से महामारी के समय में अनुकूल माहौल बनाने के अलावा न्यायालयों का कामकाज करने में आसानी होगी।
इस मौके पर लाटी का एक शिष्टमंडल ने चीफ जस्टिस से मुलाकात की। उन्होंने लाटी में मुंसिफ अदालत के निर्माण की मांग की। कार्यक्रम के अंत में चीफ जस्टिस व अन्य अतिथियों की ओर से नवनिर्मित कोर्ट कॉम्पलेक्स में पौधे भी रोपे गए। इस दौरान हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल जावेद अहमद, मुख्य न्यायाधीश के प्रधान सचिव राजीव गुप्ता, सदस्य सचिव मोहिंद्र कुमार शर्मा, उपायुक्त इंदु कंवल चिब, एसएसपी सरगुन शुक्ला, एमडी जेकेपीसीसी के एमडी विकास कुंडल, प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश मोहन लाल मन्हास, रामनगर की उप-न्यायाधीश अर्चना चाढ़क, उप न्यायाधीश संदीप कौर, जिला मोबाइल मजिस्ट्रेट अजय कुमार आदि उपस्थित रहे।
प्राथमिकता के तौर पर हल होंगे मुद्दे
बार एसोसिएशन के सदस्यों ने चीफ जस्टिस के समक्ष विभिन्न मुद्दों को भी उजागर किया। इसमें मुख्य रूप से वकीलों के चैंबरों को पूरा करना और रामनगर में अतिरिक्त सत्र अदालत का निर्माण करने की मांग की गई। चीफ जस्टिस ने उनके सभी लंबित मुद्दों को प्राथमिकता पर हल करने का आश्वासन दिया।