- पीएमजीएसवाई ने तेज किया सर्वे का काम, सात की डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए भेजी
- पांच साल के भीतर होगा निर्माण कार्य पूरा, डेढ़ लाख आबादी को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत ब्लाक घोरड़ी में 28 नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। पीएमजीएसवाई विभाग की ओर से नए वित्त वर्ष के तहत ये सड़कें मंजूर की गई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को काफी लाभ मिलेगा।
विभाग की ओर से जिले के घोरड़ी ब्लाक में उन क्षेत्रों का चयन किया गया है, जहां आज तक सड़क ही नहीं पहुंच पाई। इनमें ब्लॉक अधीन पड़ते घोरड़ी क्षेत्र में 21 जबकि चुनंनता में छह और जगानू में एक सड़क शामिल है। डीपीआर और सर्वे का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इन सड़कों के बनने से विभिन्न ब्लॉक की तकरीबन डेढ़ लाख आबादी को लाभ मिलेगा। हालांकि विभाग की ओर से उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है जिन क्षेत्रों में सड़क की ज्यादा आवश्यकता है और आबादी के लिहाज से भी लोगों की संख्या काफी अधिक है। विभाग की ओर से 28 में से सात सड़कों का सर्वे कर डीपीआर बनाकर सरकार को भेज दी गई है जबकि अन्य सड़कों के लिए सर्वे और डीपीआर का काम जारी है।
पैसा जारी होती सड़कों का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाए। जिन क्षेत्रों में यह सड़के बनने जा रही हैं उन क्षेत्रों के लोगों में काफी खुशी की लहर है क्योंकि आज तक इन क्षेत्रों के लोगों को मुख्य सड़क संपर्क मार्ग तक पहुंचने के लिए पैदल सफर तय करना पड़ता है। विभाग का सर्वे पूरा होने और डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद 5 साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। जिन सड़कों की डीपीआर तैयार कर दी गई उनको भी जल्द ही मंजूरी मिलने के आसार है और मंजूरी मिलते ही टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
ग्रामीण रतन लाल शर्मा, अंकेश सिंह, रजिंद्र सिंह और सुनील शर्मा का कहना था कि सड़कें न होने की वजह से क्षेत्रों का विकास भी रुक जाता है। वाहनों कीे आवाजाही शुरू होने से विकास के साथ रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।
कोट...
चयनित किए गए क्षेत्रों में सर्वे का काम जारी और जिन सड़कों की डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए भेजी गई है। उन पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। अन्य सड़कों की भी डीपीआर तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है और 5 साल के भीतर सड़कों का निर्माण पूरा करने की समय सीमा रही गई है।
-
मनमीत सिंह, एईई पीएमजीएसवाई विभाग।