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Udhampur News: नवरात्र कल से... बाजारों में उमड़े श्रद्धालु. कटड़ा में सुरक्षा का चक्रव्यूह

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उधमपुर/कटड़ा। चैत्र नवरात्र को लेकर उधमपुर और कटड़ा में तैयारियां जोरों से जारी हैं। वीरवार से शुरू होने वाले नौ दिवसीय अनुष्ठान के लिए भक्तों ने पूजा सामग्री और जौ बोने के लिए मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी शुरू कर दी है। प्रशासन ने विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल कटड़ा और मां वैष्णो देवी भवन की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए कमर कस ली है।
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उधमपुर और आसपास के बाजारों में उत्सव जैसा माहौल है। मंदिरों की साफ-सफाई और रंग-रोगन का कार्य अंतिम चरण में है। दुकानें नारियल, माता की चुनरियां, वस्त्र और अन्य पूजा सामग्री से सज गई हैं। श्रद्धालु आवश्यक सामग्री की खरीदारी में जुट गए हैं। नारियल की कीमत 50 से लेकर 80 रुपये तक है जबकि चुनरियां 15 रुपये की शुरुआती कीमत पर मिल रही हैं।

तीर्थयात्रियों की भारी आमद को देखते हुए उधमपुर-रियासी रेंज की डीआईजी सारा रिजवी ने कटड़ा में उच्च स्तरीय संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा यात्रा मार्ग और ऊंची पहाड़ियों पर चौबीसों घंटे गश्त की जाएगी। प्रवेश द्वारों और होटलों में जांच के निर्देश दिए गए। साथ ही रैंडम चेक पोस्ट स्थापित कर वाहनों की सघन जांच करने को कहा।
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एसएसपी रियासी ने सुरक्षा ग्रिड प्लान की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि घोड़ा चालकों, श्रमिकों और आगंतुकों का अनिवार्य वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया जा रहा है। किसी भी अप्रिय घटना या भगदड़ को रोकने के लिए श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। संयुक्त बैठक में सीआरपीएफ की छठी बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर, सेना, खुफिया ब्यूरो और रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से माता के दर्शन करने की अपील की है।
बिक्री में और उछाल आने की उम्मीद

नवरात्र के पावन अवसर पर साख यानी जौ बोने की परंपरा का विशेष महत्व है। श्रद्धालु विधि-विधान से इसे स्थापित कर माता की आराधना करते हैं। इसलिए बाजारों में मिट्टी के पात्रों की मांग बढ़ गई है। श्रद्धालु नवरात्र के पहले दिन मिट्टी के पात्र में जौ बोते हैं और पूरे नौ दिन तक उसकी पूजा करते हैं। साख लगाने के लिए मिट्टी के पात्र का उपयोग विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि मिट्टी पवित्रता और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है। बाजारों में मिट्टी के पात्र 50 से लेकर 100 रुपये तक उपलब्ध है। दुकानदारों के अनुसार नवरात्र के पहले दिन तक बिक्री में और उछाल आने की उम्मीद है।
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