उधमपुर/रामबन। रामबन के डिगडोल में पस्सियां गिरने के बाद बंद हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को शनिवार को कड़ी मशक्कत के बाद खोलने में कामयाबी मिली। शाम करीब पांच बजे राजमार्ग के खुलने पर सबसे पहले रामबन के आसपास फंसे वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया गया। आगे जाने की अनुमति मिलने पर यात्रियों व वाहन चालकों ने भी राहत की सांस ली। उधमपुर में रोके गए घाटी जाने वाले वाहनों को पुलिस ने अभी तक आगे जाने की अनुमति नहीं दी है। वहीं करीब सप्ताह से राजमार्ग पर फंसे ट्रकों के चालक सब्जी खराब होने के बाद फेंकने को मजबूर हो गए हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को डिगडोल में पस्सियां गिरने के बाद राजमार्ग बंद हो गया था। पस्सियां इतनी ज्यादा थी कि उनको हटाने में तीन दिन से ज्यादा समय लग गया। शुक्रवार को कुछ देर के लिए राजमार्ग खुला था। अभी वाहन निकल ही रहे थे कि फिर से पस्सियां गिरने का सिलसिला शुरू होने पर राजमार्ग बंद हो गया था। शनिवार को चौथे दिन सुबह से दोपहर तक राजमार्ग बंद रहा। जबकि जेसीबी पस्सी हटाने के कार्य में जुटी रही। शाम करीब पांच बजे राजमार्ग से पस्सियां हटाने में कामयाबी मिली। राजमार्ग के खुलते ही पुलिस ने सबसे पहले रामबन के विभिन्न हिस्सों में फंसे वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया। पहले छोटे वाहनों को निकाला गया और फिर बड़े वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी गई। राजमार्ग के खुलने की सूचना मिलने पर चालकों व यात्रियों ने खुशी से खिल उठे। एक एक कर वाहन जम्मू की तरफ निकल गए। वहीं उधमपुर में रोके गए सैकड़ों वाहनों को चौथे दिन भी घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी गई। चालक व यात्री दिन भर आगे जाने की अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन पुलिस ने किसी को भी नहीं जाने दिया। कई ट्रकों में रखी सब्जी खराब होने लगी तो चालकों ने मजबूरन खराब सब्जी को बाहर फेंक दिया। चालकों ने बताया कि उनको करीब सप्ताह से रोक कर रखा गया है। जिन स्थानों पर रोका गया है, वहां न तो खाने की कोई व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की। उनको राहत अब घाटी पहुंच कर ही मिलेगी।