किश्तवाड़। नगर परिषद कार्यालय में आग की घटना अब विवादों के आई गई है। घटना में कार्यालय का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जलकर नष्ट हो गया है। इसके बाद कई तरह की आशंकाएं पैदा हो रही हैं। कई लोग इसे संदिग्ध घटना बताते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष नेता सुनील कुमार शर्मा ने जम्मू में मीडिया से बातचीत में कहा कि यह गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आग किस कारण लगी और क्या इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है। शर्मा ने पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले ब्लॉक ऑफिस और फिर दच्छन कार्यालय में भी आग लगी थी, उन मामलों की जांच का कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया।
इसके अलावा नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) के एचआर विभाग के कार्यालय में भी आग लग चुकी है। उन्होंने अंदेशा जताया कि कहीं किसी गड़बड़ी या अनियमितता को छिपाने के लिए तो रिकॉर्ड नष्ट नहीं किए जा रहे? उन्होंने मांग की कि पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
स्थानीय लोगों में संशय का माहौल
नागरिकों में भी गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि आग महज दुर्घटना थी या इसे जानबूझकर लगाया गया। उनका मानना है कि यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई तो प्रशासन और व्यवस्था के प्रति संदेह और अधिक बढ़ सकता है। प्रशासन से मांग की कि जल्द जिम्मेदार लोगों को बेनकाब किया जाए।