प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से एक दिन पहले पुलिस ने बट्टल बालियां क्षेत्र में मॉक ड्रिल की। कड़ी सुरक्षा के बीच हुई ड्रील के दौरान शहर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पूरा शहर छावनी में तब्दील हो गया।
अरनिया में हुए आतंकी हमले के बाद उधमपुर और उत्तरी कमान के हेडक्वार्टर को भी अलर्ट कर दिया गया। इस दौरान बाईपास रास्ता बंद कर दिया गया। नेशनल सुरक्षा कमांडो भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा का निरीक्षण कर रहे थे।
सीआरपीएफ, उत्तराखंड पुलिस के अलावा आला अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सुबह साढ़े ग्यारह बजे के करीब एयरफोर्स स्टेशन के अंदर से बट्टल बालियां के लिए एक काफिला निकला। वीवीआईपी गाड़ियों के बीच निकले इस काफिले के बीच ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाड़ी भी निकली।
मात्र पांच मिनट की इस एक्सरसाइज के दौरान गढ़ी से जिखेनी चौक तक जाने वाले बाईपास रास्ते को बंद कर दिया गया था। गढ़ी से पुलिस टीम ने जखैनी तक करीब बीस किमी पैदल चलकर सुरक्षा निगरानी की। डीआईजी उधमपुर गरीब दास, सीआरपीएफ के डीआईजी व एनएसजी के आईजी इस दौरान काफिले के साथ थे।
करीब पांच हजार अतिरिक्त पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था। गाड़ियों का रूट पर शुक्रवार को भी बदलेगा। देर शाम तक सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। उधमपुर प्रवेश करने वाली हर गाड़ी की चेकिंग की जा रही थी। उनके दस्तावेजों के जांच के अलावा अंदर सवार यात्री और उनके सामान की भी जानकारी ली जा रही थी।
सेना को भी सतर्क कर दिया गया। शहर के हर चौक-चौराहे पर पुलिस के अतिरिक्त जवान तैनात थे। जाम लगने वाले क्षेत्रों में विशेष तौर पर तैनात किए गए जवान पूरी तरह से मुस्तैद रहे। किसी भी गाड़ी को अधिक समय के लिए खड़ा नहीं होने दिया जा रहा था।