उधमपुर। नगर परिषद उधमपुर के 50 लाख रुपये नगर निगम जम्मू को ट्रांसफर करने के मामले में बवाल मच गया है। मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में हुई बैठक में भी यही मुद्दा छाया रहा। नगर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष सुरिंद्र सिंह खालसा की मौजूदगी में पार्षदों और सीईओ संतोष कोतवाल के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पार्षदों ने नगर परिषद के 50 लाख रुपये ट्रांसफर करने पर सीईओ संतोष कोतवाल को घेरते हुए मीडिया में दिए बयान पर रोष जताया।
पार्षदों ने कहा कि सीईओ ने बिना पार्षदों को बताए फंड ट्रांसफर करके पार्षदों को गुमराह तो किया ही साथ ही उधमपुर शहर की जनता को धोखा दिया है। मीडिया में विकास कार्यों के लिए पार्षदों द्वारा फंड की डिमांड नहीं करने का बयान देकर कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है। जब ऐसा बिलकुल भी नहीं है। कई बार समस्याओं को लिखित रूप से कार्यालय में दिया गया, लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में सीईओ का बयान बिलकुल निराधार है।
पार्षदों और नगर परिषद के सीईओ के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बीच अब नगर परिषद की फाइनेंसियल ऑडिट करवाने की मांग भी उठने लगी है। पार्षदों ने कहा कि मामलों को लेकर उच्चाधिकारियाें को लिखा जाएगा।
नगर परिषद चेयरमैन ने सीईओ का किया समर्थन
नगर परिषद के कार्यकारी चेयरमैन सुरिंद्र सिंह खालसा ने सीईओ संतोष कोतवाल के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि पार्षदों के आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के पास फंड की कोई कमी नहीं हैं। 14वें वित्त आयोग के पहले और दूसरे चरण के तहत नगर के लगभग सभी वार्डों में विकास कार्य जारी हैं। ऐसे में पार्षदों के नगर परिषद के खजाने को खाली करने और विकास कार्यों के लिए फंड जारी नहीं करने के आरोपों का समर्थन नहीं करते हैं। जो भी पैसा अर्बन लोकल बॉडीज जम्मू को दिया गया है, उसे ब्याज सहित वापस लिया जाएगा। क्योंकि उधमपुर के अतिरिक्त अन्य कई इलाकों के फंड का ट्रांसफर किया जाता रहा है। यह कोई नई प्रक्रिया नहीं हैं और न ही पार्षदों को इस मामले को तूल देने की आवश्यकता है।
हमें फंड नहीं होने की बात कह कर टाला-पार्षद
50 लाख रुपये ट्रांसफर करने के मामले का खुलासा करने वाली वार्ड-1 की पार्षद प्रीति खजुरिया ने सीईओ पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा सीईओ द्वारा प्रेस वार्ता कर पार्षदों पर आरोप लगाए गए निराधार हैं। वार्ड की सभी समस्याओं को कई बार लिखित रूप में कार्यालय में दिया है, लेकिन हर बार फंड नहीं होने की बात कह कर टाला जाता रहा है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के कार्यकारी चेयरमैन ने भी माना है कि पैसा डायरेक्टर लोकल बॉडीज को ट्रांसफर किया है। पूर्व चेयरमैन खामोश हैं, वह बताएं कि 50 लाख को वापस लाने के लिए कितने पत्र लिखे। प्रीति खजुरिया ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी से विशेष टीम भेज कर उधमपुर नगर परिषद का फाइनेंशियल ऑडिट करवाने कि मांग की।
उधमपुर नगर परिषद कार्यालय में बैठक करते पार्षद।