- शिक्षा विभाग बना मूकदर्शक, कई बार गांववासी नई इमारत बनाने की लगा चुके गुहार
उधमपुर। शहर से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पंचायत मगैनी का सरकारी मिडिल स्कूल 2019 में असुरक्षित घोषित किया गया था। बावजूद इसके स्कूल के 150 बच्चे आज भी जर्जर इमारत में पढ़ने को मजबूर हैं। नई इमारत का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
हालांकि कई बार पूर्व सरपंच व स्थानीय लोग विभाग व प्रशासन से स्कूल की नई इमारत बनाने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन आज तक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं हुआ।
स्कूल की हालत बदतर
स्कूल भवन की इमारत में कई जगह दरारें आ चुकी हैं। बारिश के मौसम में पानी क्लासरूम के अंदर घुस जाता है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्कूल की नई इमारत को बनाने के लिए कई बार विभाग व सरकार से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। लोक निर्माण विभाग की ओर से स्कूल की इमारत का किए गए सर्वे में उन्होंने इस इमारत को असुरक्षित घोषित भी किया है। लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कुलदीप शर्मा बिलोच, पूर्व सरपंच
स्कूल की इमारत में पड़ी दरारें देखकर हमें डर लगता है कि कहीं इमारत गिर न जाए। क्षेत्र में होने वाली बैक टू विलेज व कई प्रशासनिक बैठकों में इस मुद्दे को जोरशोर से उठा चुके हैं। मगर इसके बावजूद स्कूल की नई इमारत का निर्माण नहीं हो सका।
संजय कुमार, स्थानीय निवासी
बारिश के दिनों में सारा पानी स्कूल में बने कमरों के अंदर आ जाता है। इसके चलते बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग की लापरवाही कहीं बच्चाें पर भारी न पड़ जाए।
अशोक कुमार, स्थानीय निवासी
हम शिक्षा विभाग व सरकार से यही मांग करते हैं कि जल्द से जल्द स्कूल की इमारत को डिस्मेंटल कर नई इमारत का निर्माण करवाया जाए। ताकि बच्चों व शिक्षकों को आ रही परेशानी से निजात मिल सके।
अरुण शर्मा, स्थानीय निवासी
अगले वित्त वर्ष की योजना में इस स्कूल की नई इमारत के लिए रखवाया जाएगा। मंजूरी मिलते ही स्कूल की नई इमारत का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ताकि बच्चों को आ रही परेशानी से निजात मिल सके।
नरेंद्र मोहन सूरी, सीईओ