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शिक्षकों को मिले अर्जित अवकाश का लाभ

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उधमपुर। जम्मू कश्मीर टीचर्स, मास्टर एसोसिएशन (जेकेटीएमए) की मासिक बैठक में शिक्षक समुदाय के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने की।
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इस दौरान मुख्य रूप से शिक्षकों की डीपीसी करवाने और कोविड ड्यूटी में छुट्टियों के दौरान लगे शिक्षकों के पक्ष में अर्जित अवकाश का लाभ प्रदान करने की मांग की गई। इस पर अध्यक्ष ने निदेशक स्कूल शिक्षा जम्मू से शिक्षक बिरादरी को अर्जित अवकाश लाभ प्रदान करने के लिए आवश्यक परिपत्र जारी करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि प्रधान शिक्षकों के पद को यूपीएस में स्थानांतरित करने की बजाय समग्र शिक्षा के तहत प्रधानाध्यापकों की कुल संख्या के बराबर मास्टर्स के नए पदों को नियमित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानाध्यापकों के पद को स्थानांतरित करने से एचएस व एचएसएस में कर्मचारियों की कमी की नई समस्या पैदा हो जाएगी। इसके साथ ही अध्यक्ष ने शिक्षकों के रूप में शामिल होने की तारीख के बजाय क्रमश: बीएड और पीजी पास करने की तारीख के आधार पर मास्टर और लेक्चरर के डीपीसी के लिए वरिष्ठता तय करने की मांग की, जो पहले शामिल हुए लेकिन बाद में डिग्री हासिल की।
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बैठक में शामिल संघ के महासचिव विवेक गुप्ता ने विज्ञान में पीजी शिक्षकों की वरिष्ठता सूची को अपडेट करने की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक जिन्होंने दूरस्थ माध्यम से विज्ञान में पीजी डिग्री हासिल की है, वे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं। एसोसिएशन ने वैश्विक स्तर पर विषय के महत्व और कई छात्रों की स्कूल में विषय चुनने की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए हर जिले के कम से कम छह हायर सेकेंडरी में बायोटेक्नोलॉजी शुरू करने की भी अपील की।
एसोसिएशन ने सुझाव दिया कि नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्रों का स्कूलों में विलय कर दिया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी क्षेत्रों में एमडीएम का काम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंप दिया जाए, ताकि इसे किसी गैर सरकारी संगठन को सौंपा जा सके। उन्होंने कहा कि कई डीडीओ ने एनपीएस ग्राहकों के जीपीएफ की पहली किस्त भी जमा नहीं की है, जो गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए, ऐसे डीडीओ को शिक्षकों के कल्याण की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।
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